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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    BPSC TRE 3 Paper Leak: बिहार शिक्षक भर्ती का पेपर कब और कैसे लीक हुआ? EOU की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे

    Updated: Sat, 16 Mar 2024 09:36 PM (IST)

    BPSC TRE 3.0 Paper Leak बीपीएससी के द्वारा शुक्रवार को ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर एक दिन पहले गुरुवार को ही लीक हो गया था। ईओयू की जांच में झ ...और पढ़ें

    ​शिक्षक भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक हो गया था प्रश्न-पत्र। (फाइल फोटो)
    ​शिक्षक भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक हो गया था प्रश्न-पत्र। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 15 मार्च को ली गई थी शिक्षक भर्ती परीक्षा
    2. 13 मार्च को ईओयू को मिली गड़बड़ी की सूचना
    3. 14 मार्च को करबिगहिया में छापा, गिरोह की पहचान
    4. 15 मार्च को तड़के हजारीबाग में छापा, 270 हिरासत में

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के द्वारा शुक्रवार को ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र एक दिन पूर्व गुरुवार को ही लीक हो गया था। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच में हजारीबाग में छापेमारी के दौरान मिले प्रश्नपत्र और बीपीएससी कार्यालय से लिए गए परीक्षा के प्रश्न-पत्र का मिलान किया गया जो हूबहू एक समान पाया गया है।

    ईओयू ने अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख करते हुए कहा है कि इससे प्रमाणित होता है कि 15 मार्च को बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र परीक्षा के पूर्व ही गिरोह के सदस्यों तक पहुंच गया था। ईओयू ने शनिवार को भी हजारीबाग से पकड़े गए 270 अभ्यर्थियों और संगठित गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की।

    संगठित गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में बताया गया कि एक अन्य अभियुक्त के द्वारा उनको शिक्षक भर्ती परीक्षा के तृतीय चरण के प्रश्न पत्र पेन ड्राइव में 14 मार्च को ही उपलब्ध करा दिए गए थे, जबकि परीक्षा 15 मार्च को होनी थी। संगठित गिरोह के सदस्यों ने प्रश्न-पत्र का प्रिंट निकालकर अभ्यर्थियों के अलग-अलग समूहों को उत्तर याद करने के लिए उपलब्ध कराया था।

    दस लाख में परीक्षार्थियों से हुई थी डील

    ईओयू के द्वारा पटना और हजारीबाग में की गई छापेमारी में गिरोह के सदस्यों एवं परीक्षार्थियों के पास से विभिन्न परीक्षा केंद्रों के प्रवेश-पत्र, अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र, 50 हजार रुपये का ब्लैंक चेक, लगभग 50 मोबाइल, लैपटाप, प्रिंटर, पेन ड्राइव आदि भी बरामद किया गया है।

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    अब तक की जांच में इस बात का पता चला है कि संगठित गिरोह ने परीक्षा से पहले उत्तर सहित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी दस लाख रुपये की डील की थी। इसका लिखित साक्ष्य भी ईओयू के पास है।

    करबिगहिया में हुई पहली गिरफ्तारी से मिला हजारीबाग का लिंक

    ईओयू को परीक्षा से दो दिन पूर्व 13 मार्च को ही कई सूत्रों से गोपनीय सूचना मिली कि 15 मार्च को ली जाने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्न-पत्र एवं उत्तर मुहैया कराने के एवज में अभ्यर्थियों से दस-दस लाख रुपये लिए जा रहे हैं।

    ईओयू ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई जिसने उसी दिन पटना के करबिगहिया इलाके में छापेमारी की। इसमें साल्वर गिरोह के एक सदस्य के साथ शिक्षक अभ्यर्थियों को पकड़ा गया जिनके पास से बहुत सारे अभिलेख जब्त किए गए।

    गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि उनके द्वारा सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों को कई स्कार्पियों एवं बसों से झारखंड के हजारीबाग ले जाया गया है। जहां होटल कोहिनूर में ठहराकर अभ्यर्थियों को लीक प्रश्न-पत्र का उत्तर रटवाया जा रहा है।

    इसके बाद ईओयू की टीम ने झारखंड पुलिस की मदद से सुबह पांच बजे हजारीबाग के कुर्रा, पदमा और बरही के होटल एवं मैरेज हाल में छापेमारी की। यहां करीब 270 शिक्षक अभ्यर्थियों और संगठित गिरोह के सदस्यों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई।

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