यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BPSC Web Address Change: बीपीएससी का वेब एड्रेस बदला, अब नए लिंक पर मिलेगी सारी जानकारी
BPSC बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) का वेब एड्रेस अब पूरी तरह से बदल दिया गया है। आयोग की सभी जानकारी अब नए एड्रेस पर उपलब्ध होगी। इसमें आवश्यक सूचनाए ...और पढ़ें

HighLights
- नई वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई विस्तृत सूचना
- बीपीएससी पेपर लीक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टली
जागरण टीम, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) का वेब एड्रेस (यूआरएल) बदल गया है। आयोग के संबंधित सभी जानकारी अब वेब एड्रेस https://bpsc.bihar.gov.in पर उपलब्ध होगी।
पूर्व में https://bpsc.bih.nic.in पर मिलने वाली सभी आवश्यक सूचनाएं, विज्ञापन, परीक्षाफल, साक्षात्कार पत्र, पाठ्यक्रम आदि अब नए एड्रेस पर उपलब्ध होंगे। वेबसाइट पर विस्तृत सूचना अपलोड कर दी गई है।
पेपर लीक से जुड़ी याचिका जआर सुनवाई टली
बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित पेपर लीक से जुड़ी याचिका पर बुधवार को सुनवाई टल गई। मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन के विदाई समारोह के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
यह मामला न्यायाधीश अरविंद सिंह चंदेल की एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन विदाई समारोह का समय सुबह 11:30 बजे तय होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई।
छात्रों की ओर से दायर एक पूरक हलफनामे में कहा गया है कि आयोग ने 13 दिसंबर और 4 जनवरी को आयोजित परीक्षाओं की उत्तर कुंजी जारी कर दी है।
4 जनवरी की परीक्षा में तीन प्रश्न हटाए गए हैं, जबकि 13 दिसंबर की परीक्षा के दो प्रश्न 4 जनवरी की परीक्षा में फिर से पूछे गए हैं, जिससे 4 जनवरी के परीक्षार्थियों को लाभ मिलेगा।
4 जनवरी के परीक्षार्थियों को छह अंकों का लाभ मिलेगा
- छात्रों का यह भी कहना है कि 4 जनवरी की परीक्षा के “जे” सीरीज प्रश्नपत्र में एक प्रश्न गलत था, जिसे आपत्ति के बाद आयोग ने हटा दिया।
- इससे 4 जनवरी के परीक्षार्थियों को छह अंकों का लाभ मिलेगा, जबकि 13 दिसंबर के चार लाख परीक्षार्थियों को छह अंकों का नुकसान होगा।
राज्यपाल से मिला बीपीएससी अभ्यर्थियों का शिष्टमंडल
बता दें कि बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर बवाल भी मचा है। इसको लेकर पटना में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां से सोमवार को बीपीएससी अभ्यर्थियों का 12 सदस्यीय शिष्टमंडल मिला। छात्रों के साथ जन सुराज पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज भारती भी राज्यपाल से मिले।
अभ्ययर्थी सुभाष ने बताया कि राज्यपाल 40–45 मिनट तक हमलोगों की बातें सुनीं। उन्होंने संवैधानिक दायरे में रहते हुए संबंधित अधिकारी तक मामला पहुंचाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि उम्मीद रखिए न्याय जरूर होगा। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि आपलोग निवेदन करिए कि प्रशांत किशोर अपना अनशन खत्म कर दें। स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। प्रशांत किशोर का अनशन और छात्रों की मांगों को एक-दूसरे से अलग रखिए।