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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Neet Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में CBI की जांच कहां तक पहुंची? आसान भाषा में पढ़ें सबकुछ यहां

    Updated: Thu, 25 Jul 2024 10:30 PM (GMT+05:30)

    Neet Paper Leak नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई तेज हो गई है। सीबीआई 33 जगह पर छापेमारी कर चुकी है। वहीं जांच एजेंसी ने 36 लोगों को गि ...और पढ़ें

    नीट पेपर लीक में सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ रही (जागरण)
    नीट पेपर लीक में सीबीआई की जांच तेजी से आगे बढ़ रही (जागरण)

    HighLights

    1. नीट पेपर लीक में सीबीआई का एक्शन हुआ तेज
    2. सीबीआई ने अब तक 33 जगह छापेमारी की
    3. सीबीआई ने कई आरोपियों को धर दबोचा

    राज्य ब्यूरो, पटना। NEET Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने ईओयू से जांच अपने हाथ में लेने के करीब महीने भर में आरोपियों को गिरफ्त में लेने के लिए 33 स्थानों पर छापा मार चुकी है। यही नहीं अपनी कार्रवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने 36 लोगों को अपनी गिरफ्त में भी लिया है।

    23 जून 2024 को शुरू हुई थी जांच

    गुरुवार को सीबीआइ ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि सीबीआइ ने पेपर लीक मामले की जांच 23 जून 2024 से प्रारंभ की थी।

    जांच में यह बात सामने आई कि एनईईटी (यूजी) - 2024 प्रश्न पत्र पांच मई को सुबह ओएसिस स्कूल, हजारीबाग से पंकज कुमार उर्फ आदित्य उर्फ साहिल नामक व्यक्ति जो एनईईटी के मास्टरमाइंड में से एक है, के द्वारा अवैध रूप से हजारीबाग एनटीए सिटी समन्वयक सह ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एवं ओएसिस स्कूल के केंद्र अधीक्षक, वाइस प्रिंसिपल व एक अन्य सहयोगी की मिलीभगत से प्रश्न पेपर अवैध रूप से प्राप्त किया गया।

    जांच कहां तक पहुंची? सीबीआई ने दी जानकारी

    सीबीआइ ने कहा है कि इस मामले में फरार चल रहे पंकज का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया। स्कूल के प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल एवं सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया। आधे जले प्रश्नपत्रों के बरामद किए गए टुकड़ों ने सीबीआई को एनईईटी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में मदद की, जहां से यह पेपर लीक हुआ था।

    जांच में यह बात सामने आई कि प्रश्न पत्र वाली पेटियों को पांच मई को ओएसिस स्कूल में लाया गया और नियंत्रण कक्ष में रखा गया।

    पेटियां आने के कुछ मिनट बाद, उपरोक्त प्रिंसिपल एवं वाइस प्रिंसिपल ने अनाधिकृत व अवैध रूप से मास्टरमाइंड को उस कमरे में जाने की अनुमति दी, जहां पेटियां रखी गई थी। पेटी खोलने और पेटी से प्रश्नपत्रों को प्राप्त करने के लिए प्रयोग किए गए अत्याधुनिक उपकरण भी जांच में जब्त किए जा चुके हैं।

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    प्रश्नपत्र को साल्वर के माध्यम से सॉल्व कराया गया। इसके बाद हल किए गए पेपर को कुछ चयनित छात्रों के साथ साझा किया गया जिन्होंने आरोपियों को पैसे दिए थे।

    सॉल्वर मेडिकल के छात्र थे

    सॉल्वर मेडिकल के छात्र थे जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआइ के अनुसार आरोपी पंकज ने कुछ अन्य मास्टरमाइंडों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया, जिनकी पहचान कर ली गई है व उनमें से कई को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मामले को अपने हाथ में लेने के बाद से अब तक सीबीआई 33 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। इस मामले में अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 15 बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार शामिल हैं। अब तक कई आपत्तिजनक साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। प्रतिदिन के आधार पर जांच जारी है।

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