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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोशल मीडिया पर सपा में मचे घमासान के बाद वायरल हुआ चुनावी चालीसा

By Kajal KumariEdited By:
Updated: Tue, 10 Jan 2017 10:47 PM (IST)

उत्तरप्रदेश में चल रही चुनावी दंगल के बीच सपा के घमासान का सोशल मीडिया में भी खूब तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसी बीच एक यूपी को लेकर सपा चालीसा भी वायरल है।

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पटना [जेएनएन]। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में जारी पारिवारिक घमासान पर जहां एक ओर सियासत तेज है। बाप-बेटे की जंग के बीच तरह -तरह की बातें रोज देखने-सुनने को मिल रही हैं तो वहीं तो सोशल मीडिया भी इससे अछूता नहीं है।

जहां एक ओर तरह-तरह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं वहीं अाजकल इस राजनीतिक महाभारत को लेकर लिखी एक चालीसा इन दिनों खूब वायरल हो रही है। चालीसा के ज़रिए सपा के पूरे विवाद को नाटक बताते हुए उसे बेहद रोचक तरीके से पेश किया गया है।

-राजनीति में बढ़ गया चाचा का उत्पात। कहा भतीजा परख लो, खुद अपनी औकात।

-तब अखिलेश पिता पहिं आवा, उथल-पुथल की बात बतावा।

-कहे मुलायम कोमल बानी, देखहु सुत अब दांव पुरानी।

-कुछ दिन अवधि दूर रह थोरी, जबतक करुं व्यवस्था तोरी।

-अलग-विलग कर नाटक कीन्हां, शक्ति-परीक्षण अवसर दीन्हां।

-अधिक विधायक साथ तिहारे, बिना युद्ध ही चाचा हारे।

-बंदउं मैं शुभ चरित मुलायम, गुंडा-राज जहां पर कायम।

-बाहुबली जिनकर रखवारे, जिनके प्रिय शिवपाल दुलारे।

-अपदस्थ निज पूतहिं कीन्हां, अंत समय दारुन दुख दीन्हां।

-सब प्रतिपक्ष उड़ावत खिल्ली, अनुज समेत गए तब दिल्ली।

-अमर सिंह लन्दन से आया, जयाप्रदा को भी बुलवाया।

-मिलकर के विह्वल भए, अंतरंग सब लोग, व्यथित भाव में चल पड़े, निर्वाचन आयोग।

-पुत्र-धर्म का मर्म बताया, संरक्षक पितु को बनवाया।

-अधिवेशन अब लेहु बुलाई, तुम्हरे बहुमत पड़े दिखाई।

-अखिलेश की सूची जारी, चाचा दबे भतीजा भारी।

-शिवपाल सेंटर में जाएं, यू.पी. में ना टांग अड़ाएं।

-बाहुबली सब टिकट न पईहें, मुख्तार भी बाहर जइहें।

-अब अतीक पड़ी जइहें फीका, ई होई अखिलेश तरीका।

-यही पिता की नीति है, अवरोध हों ध्वस्त, बेटे को मजबूत कर, कर दें मार्ग प्रशस्त।

-और इसी के साथ यूपी की मुलायम-अखिलेश चालीसा समाप्त।