यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'आपके कैबिनेट में 8 यादव मंत्री...', CM नीतीश कुमार से कांग्रेस नेता ने की मंत्रिमंडल में बदलाव की मांग
Congress Demands Bihar Cabinet Reconstitution प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने CM नीतीश कुमार से मंत्रिमंडल में अलग-अलग जातियों के तीन ...और पढ़ें

HighLights
- अनिल शर्मा बोले- मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्ग के 13 मंत्री, अकेले यादव जाति के आठ
- 37 प्रतिशत संख्या वाले अति पिछड़े वर्ग के नीतीश कैबिनेट में मात्र तीन मंत्री ही हैं: अनिल शर्मा
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Caste Survey Effect: भले ही कांग्रेस जाति आधारित गणना में सरकार के साथ खड़ी हो, लेकिन पार्टी के कुछ नेता लगातार अपनी मांग के जरिये सरकार का ध्यान आकृष्ट करने में लगे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने हाल ही में मंत्रिमंडल में अलग-अलग जातियों के तीन उप मुख्यमंत्री की मांग उठाई थी। अब उन्होंने मंत्रिमंडल पुनर्गठन की मांग कर दी है।
'मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्ग के 13 मंत्री'
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की कि जाति आधारित गणना की रिपोर्ट आने के बाद सरकार में सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए मंत्रिमंडल का पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
शर्मा ने कहा कि अभी बिहार मंत्रिमंडल में पिछड़े वर्ग के 13 मंत्री शामिल हैं। इसमें अकेले यादव जाति के आठ कैबिनेट मंत्री हैं।
जाति आधारित गणना की रिपोर्ट कहती है कि प्रदेश में आबादी के हिसाब से 37 प्रतिशत अतिपिछड़ा समाज है। हकीकत यह है कि जनसंख्या में सबसे अधिक 37 प्रतिशत संख्या वाले अति पिछड़े वर्ग के नीतीश कैबिनेट में मात्र तीन मंत्री ही हैं।
अब जबकि राज्य के सभी वर्गों और जातियों की सामाजिक स्थिति साफ हो चुकी है तो ऐसे में सामाजिक न्याय का तकाजा है कि मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर इस वर्ग की संख्या बढ़ायी जाएं। उन्होंने कहा वैसे भी यह मांग जायज है कि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी ही चाहिए।
जदयू ने रिपोर्ट को लेकर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
इधर, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने शुक्रवार को कहा कि जाति आधारित गणना से जुड़े आंकड़े की सत्यता पर अनर्गल बयानबाजी विरोधियों की हताशा को दिखा रही है।
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जनता को भरमाने लिए भाजपा व उनके सहयोगी इस तरह की बातें कर रहे हैं। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जातीय गणना के आंकड़े पर बेबुनियाद व तथ्यहीन बातें कहीं जा रही हैं। बिना किसी ठोस आधार के इस पर सवाल खड़े करना भाजपा की बेचैनी को दिखा रहा है।