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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Diwali 2024: बिहार के इन जिलों में सभी तरह के पटाखों पर रोक, लिस्ट में पटना और गया भी शामिल

    Updated: Tue, 29 Oct 2024 02:25 PM (IST)

    Diwali 2024 बिहार के कई जिलों में सभी तरह के पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें राजधानी पटना और गया भी शामिल हैं। पिछले साल इन शहरों में वायु ग ...और पढ़ें

    बिहार के इन जिलों में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    बिहार के इन जिलों में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. जिलाधिकारी ने जिलावासियों से आह्वान किया है कि पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाएं।
    2. पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर नगरीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के पटाखे का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।
    3. छठ महापर्व में छठ घाट एवं घाटों की ओर जाने वाले रास्तों की सजावट गो ब्लू अभियान के तहत नीली रोशनी से की जाएगी।

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के नगरीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के पटाखों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के आलोक में पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर नगरीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के पटाखे का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।

    डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह एवं एसएसपी राजीव मिश्रा ने सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ को अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया है। कहा है कि अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर सख़्ती से रोक लगाएं। इन शहरों में पिछले वर्ष वायु गुणवत्ता सूचकांक काफी खराब पाई गई थी। इसको लेकर एनजीटी ने आदेश जारी किया है। साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार तथा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने भी इसके अनुपालन का आदेश दिया है।

    जिलाधिकारी ने जिलावासियों से आह्वान किया है कि पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाएं। पटाखों का प्रयोग नहीं करें। क्योंकि इससे निकलने वाला हानिकारक रसायन युक्त धुआं हमारे स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इससे बच्चों, वृद्ध तथा हृदय रोगियों को खतरा होने के साथ-साथ सभी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। इसलिए पर्व में दीये जलाएं, पकवान खाएं, आतिशबाजी नहीं करें। उन्होंने यह भी कहा है कि दीये जलाने में केराेसिन तेल का उपयोग नहीं करें इससे फेफड़े को नुकसान पहुंचता है।

    आतिशबाजी स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए हानिकारक: डीएम

    दीपावली करीब आते ही जगह-जगह पटाखे बिकने लगे हैं। इस बीच डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह एवं एसएसपी राजीव मिश्रा ने सभी एसडीओ एवं एसडीपीओ को अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

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    उन्होंने कहा है कि अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर सख्ती से रोक लगाएं। सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के आलोक में पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर में किसी भी प्रकार के पटाखे का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है।

    नीली रोशनी से करें सजावट

    छठ महापर्व में छठ घाट एवं घाटों की ओर जाने वाले रास्तों की सजावट गो ब्लू अभियान के तहत नीली रोशनी से की जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने शहर के सभी छठ घाटों की ओर जाने वाले मुख्य पथों और गंगा नदी घाटों की ओर अवस्थित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि महापर्व के अवसर पर अपने भवनों व प्रतिष्ठानों को नीली रोशनी से सजाएं, ताकि महापर्व की भव्यता में और वृद्धि हो। जिलाधिकारी ने कहा है कि छठ महापर्व का बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से सीधा संबंध है।

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