यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Earthquake in Bihar: भूकंप के झटकों से हिला बिहार, पटना, बगहा और छपरा सहित कई जिलों में हिली धरती
पटना बगहा सिवान गोपालगंज और छपरा में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। हालांकि कई भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि कई लोगों को झटका महसूस नहीं हो पाया। रिक्टर स ...और पढ़ें

HighLights
- बगहा, सिवान, गोपालगंज और छपरा में महसूस हुए भूकंप के झटके
- रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के कई जिलों में रविवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सुबह 7.24 में भूकंप के झटकों से कई इलाकों की धरती हिल गई। झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।
बताया जा रहा है कि पटना, बगहा, सिवान, गोपालगंज और छपरा में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। हालांकि, कई भूकंप की तीव्रता इतनी थी कि कई लोगों को झटका महसूस नहीं हो पाया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई है।
इसके अलावा, शिवहर जिले में भी रविवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 7.24 बजे झटका महसूस होने के बाद लोग घरों से निकल गए। तकरीबन पांच सेकंड तक झटका महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र नेपाल में था। इलाके में भूकंप से कोई जान माल की क्षति की खबर नही है।
नेपाल रहा भूकंप का केंद्र
वहीं, उत्तर बिहार में नेपाल से सटे जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में भी रविवार की सुबह 7:25 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए।
रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.3 बताई गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल का काठमांडू था। पूजा पंडालों में मूर्तियाें के मुकुट हिलने लगे थे। तकरीबन पांच सेकेंड तक झटका महसूस किया गया।
भारत नेपाल सीमा पर बेस सीतामढ़ी जिले में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह सुबह 7:24:20 सेकंड पर धरती हिली। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.3 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि टेबल पर रखे पानी के बोतल और अन्य चीजें हिलने लगी थीं।
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दुर्गा माता के पूजा-पांडालों में देवी-देवताओं की मूर्तियां तक हिलने लगी जिससे लोग कुछ पल के लिए इस झटके को भगवान का चमत्कार समझ बैठे।
गौरतलब है कि नेपाल का सीमावर्ती शहर सीतामढ़ी भूकंप जोन में आता है। जब तक लोगों को भूकंप का एहसास होता कंपन थम चुका था। कौतूहलवश काफी देर तक लोग सड़क पर खड़े थे।
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