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    बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस बनी बिहार के कवच 4.0 वाली पहली ट्रेन, पूर्व मध्य रेल के 163 किमी नए रूट हुए सुरक्षित

    Updated: Mon, 08 Jun 2026 09:19 PM (IST)

    पूर्व मध्य रेल ने अपनी सुरक्षा प्रणाली 'कवच 4.0' का विस्तार तीन नए रेलखंडों पर किया है, जिससे 163 किलोमीटर अतिरिक्त रूट सुरक्षित हो गए हैं। अब इस जोन ...और पढ़ें

    163 किलोमीटर नए रूट को मिला सुरक्षा कवच

    163 किलोमीटर नए रूट को मिला सुरक्षा कवच

    HighLights

    1. पूर्व मध्य रेल में कवच 4.0 का विस्तार।

    2. तीन नए रेलखंडों पर 163 किमी रूट सुरक्षित।

    3. यात्रियों के लिए अब और अधिक सुरक्षित रेल यात्रा।

    जागरण संवाददाता, पटना। भारतीय रेल ने रेल सुरक्षा को और मजबूत करते हुए कवच वर्जन 4.0 का विस्तार पूर्व मध्य रेल के तीन नए सेक्शनों में कर दिया है।

    सरमाटांर-निमियाघाट, फ्लाईओवर केबिन-भभुआ रोड और सासाराम-फेसर रेलखंड पर इसका सफल संचालन शुरू हो गया है।

    163 किलोमीटर नए रूट को मिला सुरक्षा कवच

    इन तीनों रेलखंडों में कुल 163 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 लागू किया गया है।

    इसके बाद पूर्व मध्य रेल में इस आधुनिक सुरक्षा प्रणाली का दायरा बढ़कर 256.3 रूट किलोमीटर हो गया है।

    बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस बनी पहली ट्रेन

    फेसर-सासाराम सेक्शन पर कवच प्रणाली के साथ चलने वाली पहली ट्रेन 15137 बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस रही।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार नए सेक्शनों पर ट्रेन संचालन सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया है।

    4238 किमी नेटवर्क पर चल रहा विस्तार कार्य

    पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि पूरे 4238 रूट किलोमीटर नेटवर्क पर कवच प्रणाली स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है।

    इसमें दिल्ली-हावड़ा ग्रैंड ट्रंक रूट का महत्वपूर्ण हिस्सा भी शामिल है।

    क्या है कवच 4.0 और कैसे करता है काम?

    कवच 4.0 भारतीय रेलवे की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP) तकनीक है।

    यह जीपीएस, रेडियो संचार और माइक्रोप्रोसेसर की मदद से ट्रेनों की निगरानी करती है और खतरे की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटनाओं को रोकती है।

    कई तरह की रेल दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम

    यह प्रणाली सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD), आमने-सामने टक्कर, पीछे से टक्कर, साइड कोलिजन और ओवरस्पीडिंग जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करती है।

    साथ ही कम दृश्यता में भी सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करती है।

    सुरक्षित और स्मार्ट रेलवे की दिशा में बड़ा कदम

    रेलवे के अनुसार एसआईएल-4 स्तर के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर आधारित कवच 4.0 का विस्तार भारतीय रेल को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    इससे लाखों यात्रियों को और अधिक सुरक्षित एवं भरोसेमंद रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।

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