45 नई ट्रेनें, हजारों स्पेशल फेरे और रिकॉर्ड कमाई; पूर्व मध्य रेल का शानदार साल, माल ढुलाई 203 MT पार
पूर्व मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 203.42 मिलियन टन माल लदान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया, लगातार दूसरे वर्ष 200 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई ...और पढ़ें

पूर्व मध्य रेलवे ने बनाए कई कीर्तिमान। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
203.42 मिलियन टन माल लदान, लगातार दूसरे वर्ष रिकॉर्ड।
यात्री राजस्व 4917.81 करोड़, 6.89% की वृद्धि।
45 नई ट्रेनें शुरू, 14,559 विशेष फेरे चलाए गए।
जागरण संवाददाता, पटना। पूर्व मध्य रेल (ECR) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 203.42 मिलियन टन माल लदान किया है।
इसके साथ ही पूर्व मध्य रेल लगातार दूसरे वर्ष 200 मिलियन टन से अधिक माल ढुलाई करने वाले भारतीय रेल के अग्रणी चार जोनों में शामिल हो गया है।
वित्तीीय वर्ष 25-26 में पैसेंजर रेवेन्यू रहा 4917.81 करोड़
महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह की अध्यक्षता में ईसीआर मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
इस दौरान महाप्रबंधक ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी पूर्व मध्य रेल ने 202.63 मिलियन टन माल लदान किया था। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेल ने वर्ष 2025-26 में कई महत्वपूर्ण पहल की।
45 जोड़ी नई ट्रेनों का शुरू किया गया परिचालन
इस दौरान कुल 45 जोड़ी नई ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया, जिनमें 17 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस, दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, एक जोड़ी नमो भारत एक्सप्रेस तथा 25 जोड़ी नई मेल/एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 20 जोड़ी ट्रेनों के परिचालन का विस्तार भी किया गया। त्योहारों और अवकाश के समय यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए विशेष ट्रेनों के 14,559 फेरे चलाए गए।
साथ ही विभिन्न ट्रेनों को 313 अतिरिक्त ठहराव भी प्रदान किए गए, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिली। इन प्रयासों का असर राजस्व पर भी स्पष्ट रूप से दिखा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पैसेंजर रेवेन्यू 4917.81 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.89 प्रतिशत अधिक है और अब तक का सर्वाधिक है।
त्योहारों और अवकाश के समय विशेष ट्रेनों के चलाए गए 14,559 फेरे
वहीं कैटरिंग रेवेन्यू में 88.31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 91.50 करोड़ रुपये तथा सैंड्री रेवेन्यू 19.58 प्रतिशत बढ़कर 401.50 करोड़ रुपये हो गया।
टिकट चेकिंग से प्राप्त राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस मद में 22.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 232.61 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो भारतीय रेल के सभी जोनों में तीसरा सबसे अधिक है।
पूर्व मध्य रेल ने माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास करते हुए नई ऊंचाइयों को हासिल किया है।