Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Prashant Kishor: 'एक बार चुनाव आ जाए तो...', प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के बारे में अब क्या कह दिया

    Updated: Mon, 02 Dec 2024 06:32 PM (IST)

    बिहार में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा पर प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था का ...और पढ़ें

    'एक बार चुनाव आ जाए तो...', प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के बारे में अब क्या कह दिया
    'एक बार चुनाव आ जाए तो...', प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के बारे में अब क्या कह दिया

    HighLights

    1. पीके का तंज, शिक्षा व्यवस्था की दुर्गति नीतीश-राज का काला अध्याय
    2. शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना

    राज्य ब्यूरो, पटना। जन सुराज (Jan Suraaj Party) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। सोमवार को बयान जारी कर उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के शासनकाल का इतिहास लिखा जाएगा, तो एक पढ़े-लिखे व्यक्ति के रहते हुए भी बिहार में शिक्षा व्यवस्था के ध्वस्त होने को उनके शासन का काला अध्याय माना जाएगा।

    प्रशांत किशोर ने आगे कहा, यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कल को अगर एक अच्छी सरकार आ जाए और नीतीश कुमार हट जाएं, तो संभव है कि टूटी सड़कें बन जाएं और लोगों को रोजगार मिल जाए, लेकिन नीतीश-राज में ध्वस्त शिक्षा व्यवस्था से लिख-पढ़कर जो दो पीढ़ियां निकल चुकी हैं, उसका जीवन अब सुधरने वाला नहीं। उन्हें जीवन भर शिक्षित समाज के पीछे ही चलना होगा।

    'शिक्षकों को कभी स्वच्छता मिशन तो कभी...'

    प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षक और शिक्षण संस्थान वस्तुत: पढ़ाई का माध्यम नहीं रह गए हैं। उनके माध्यम से सरकार शराबबंदी का काम करा रही। शिक्षकों को कभी स्वच्छता मिशन तो कभी राशन कार्ड बांटने का काम दिया जाता है और कभी मतदाता सूची बनाने में लगा दिया जाता है।

    'एक बार चुनाव आ जाए...'

    उन्होंने कहा कि उनसे वे सभी कार्य कराए जाते हैं, जो उनके कर्तव्य में सम्मिलित नहीं। एक बार चुनाव आ जाए, तो स्कूल बंद करके शिक्षकों को दो महीने तक चुनाव कार्यों में लगा दिया जाता है।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें- नीतीश, तेजस्वी और उपेंद्र बढ़ाने जा रहे बिहार में सियासी हलचल, 3 दिग्गजों का क्या है दिसंबर प्लान?

    ये भी पढ़ें- Bihar ITI News: नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, इन निजी ITI का पंजीकरण होगा रद; हर जिले में होगी जांच