यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राजभवन से जुड़े भ्रामक पोस्ट मामले में EOU का एक्शन, FIR दर्ज कर गठित की SIT; जांच में जुटी टीम
चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राजभवन से जुड़ा भ्रामक पोस्ट करने के मामले में ईओयू ने नामजद एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर नितेश कार्तिकेन नामक य ...और पढ़ें

HighLights
- राजभवन से जुड़ा भ्रामक पोस्ट करने पर ईओयू ने दर्ज की प्राथमिकी
- अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एसआइटी का गठन
राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राजभवन से जुड़ा भ्रामक पोस्ट करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। यह प्राथमिकी लालूवादी नितेश नाम से एक्स हैंडल चलाने वाले नितेश कार्तिकेन पर की गई है।
नितेश ने एक्स हैंडल पर खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर और राजद के आइटी सेल का इंचार्ज बताया है। ईओयू ने मामले की तकनीकी जांच और संलिप्त अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एसआइटी का गठन कर कार्रवाई शुरू कर दी है। चार सदस्यों वाली एसआइटी का नेतृत्व डीएसपी काजल जायसवाल कर रही हैं।
ईओयू के अनुसार, शनिवार को राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल चोंग्थू ने आवेदन देकर एक्स पर गलत एवं आपत्तिजनक पोस्ट का उल्लेख करते हुए शिकायत दर्ज कराई।
इसमें बताया गया कि एक्स हैंडल लालूवादी नितेश के द्वारा इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर गलत एवं आपत्तिजनक पोस्ट का उल्लेख है, जिसमें असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक शब्दों का उल्लेख केंद्र व राज्य सरकार एवं राजभवन को बदनाम करने की नियत से किया गया है।
इसके बाद ईओयू ने अविलंब लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और आइटी एक्सट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ईओयू ने एक्स को भी पोस्ट हटाने को कहा
ईओयू ने ईवीएम हैकिंग व निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में असत्य और भ्रामक पोस्ट को हटाने के लिए एक्स (ट्विटर) से भी संपर्क किया है। इसमें कहा गया है कि इस तरह के असत्य और भ्रामक पोस्ट से आम जनता के मन में स्वच्छ व निष्पक्ष लोकतांत्रिक चुनाव व ईवीएम के संबंध में भ्रम व क्षोभ उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में इस पोस्ट को तुरंत हटाए जाने (टेकडाउन) की आवश्यक कार्रवाई की जाए।