यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
RJD के पूर्व मंत्री ने खोल दिए नीतीश कैबिनेट के कई 'सीक्रेट', भौचक्का रह गए स्पीकर और सभी मिनिस्टर
Bihar Politics बिहार विधानसभा में मंगलवार को बजट सत्र के दौरान जल संसाधन विभाग के अनुदान की मांग पर चर्चा के बजाय राजद नेता और पूर्व मंत्री अचानक शिक ...और पढ़ें

HighLights
- विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने राजद नेता को टोका
- कहा- मंत्री बनते समय आपने गोपनीयता की ली थी शपथ, उसे क्यों भंग कर रहे हैं
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics : बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को अजीब स्थिति पैदा हो गई। राजद के पूर्व मंत्री ने क्रेडिट लेने के चक्कर में नीतीश कैबिनेट के कई राज खोल दिए। इस दौरान सदन में मौजूद स्पीकर और जदयू-भाजपा की गठबंधन वाली सरकार के मंत्री हतप्रभ रह गए।
जन संसाधन विभाग पर बोलना था, शिक्षा पर बोलने लगे
दरअसल, हुआ यूं कि मंगलवार को विधानसभा में जल संसाधन विभाग के अनुदान की मांग पर चर्चा हो रही थी, लेकिन अपने बयानों के लिए चर्चित राजद विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर एकबार फिर तय विषय से हटकर बोलने लगे।
वे बिहार लोक सेवा आयोग से हुई शिक्षक नियुक्ति का खुद श्रेय लेने लगे। अपने सत्रह माह के कार्यकाल में शिक्षा में सुधार लाने का दावा करने लगे। उन्होंने मंत्री पद पर रहते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जो गोपानीय व व्यक्तिगत बातें की थीं, उसे भी सदन में विजय कुमार चौधरी से मुखातिब होकर सदन को बताने लगे।
स्पीकर ने टोककर कहा- आसन की ओर देखकर बोलिए
इससे हतप्रभ विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आसन की ओर देखिए और बोलिए। आपने अपने कार्यकाल के कई राज सदन में खोले।
उन्होंने कहा कि आपने पद गोपनीयता की शपथ ली है। फिर कैबिनेट की बातें यहां कैसे सार्वजनिक कर सकते हैं? मगर प्रो.चन्द्रशेखर अपनी ही बात कहते रहे।
मैं सीएम के पैर छूता हूं, पर मेरा स्टैंड अलग
प्रो. चन्द्रशेखर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के पैर छूता हूं, परंतु बड़े भाई के तौर पर। ये मेरा निजी मामला है, लेकिन जब सिद्धांतविहीन राजनीति की बात आती है, तो मेरा स्टैंड अलग है।
खबरें और भी
इस पर भाजपा विधायक संजय सरावगी ने चंद्रशेखर के इस भाषण पर टोका। उन्होंने आसन से कहा कि चर्चा जल संसाधन विभाग पर है और ये शिक्षा पर बोल रहे हैं। क्या इन्होंने मंत्री रहते हुए बहाली पर साइन किया था?
मेरी योजना लागू नहीं की
प्रो. चन्द्रशेखर ने आगे कहा कि मैंने शिक्षा दान योजना लागू करने की इच्छा जताई पर ईर्ष्यावश लागू नहीं हुई। मैंने बिहार लोक सेवा आयोग से शिक्षक नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री से जाकर मुलाकात की।
उस समय विजय कुमार चौधरी मौजूद थे। डोमिसाइल को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की। पहले स्वीकार किया गया, लेकिन बाद में निरस्त कर दिया।
यह भी पढ़ें
KK Pathak के फरमानों पर विधानसभा में हंगामा-प्रदर्शन, RJD ने भी CPI के बाद रख दीं ये मांगें