यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muzaffarpur News: सदर अस्पताल की एसएनसीयू में लगी आग, दम घुटने से तीन नवजात की स्थिति गंभीर
Health News मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल अंतर्गत मातृ-शिशु अस्पताल परिसर में चल रही स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में शनिवार अहले सुबह शार्ट सर् ...और पढ़ें

HighLights
- वार्ड में घटना के समय तीन नवजात का चल रहा था इलाज
- वार्ड के बाहर लगे बिजली पैनल में आग लगने के बाद मची अफरातफरी
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। सदर अस्पताल अंतर्गत मातृ-शिशु अस्पताल परिसर में चल रही स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में शनिवार अहले सुबह शार्ट सर्किट से आग लगने से अफरातफरी मच गई। भर्ती मरीज को लेकर स्वजन बाहर भागे।
इस बीच वार्ड में भर्ती चार नवजात को दम घुटने के बाद श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज एंड हास्पीटल (एसकेएमसीएच) रेफर कर दिया गया। इसके साथ ही सदर के एसएनसीयू में रविवार की सुबह 8 बजे तक उपचार पर रोक लगा दी गई है।
आग लगने के बाद वहां पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने वार्ड में लगे फायर फाइटर मशीन की मदद से आग पर काबू पाया। इसमें सात छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल किया गया। चार जेनरेटर व बिजली मिस्त्री को बुलाकर वहां पर बिजली व्यवस्था बहाल कराई।
देर रात करीब दो बजकर 15 मिनट पर आग लगी थी। आग लगने का कारण पूरे भवन में सिल्वर वायरिंग बताया गया। अधिक लोड होने के कारण सिल्वर तार पर लगा कवर पिघल गया। उसके बाद वहां पर आग लग गई। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य समिति को जानकारी दी गई है।
एमसीबी होने के कारण बिजली की आग अंदर वार्ड तक नहीं गई, अगर आग अंदर तक जाती तो यहां भर्ती चार बच्चे की जान शायद ही बच पाता। जहां पर आग लगी वहां से वार्ड की दूरी करीब 30 फीट थी। इसलिए सभी को वहां से निकाल लिया गया।
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सदर अस्पताल के साथ निजी अस्पताल से आए थे बच्चे
घटना की सूचना मिलने के बाद निरीक्षण के लिए पहुंचे सिविल सर्जन डा. अजय कुमार ने वहां पर तैनात वार्ड इंचार्ज जीएनएम ज्योति रेखा से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि यहां पर 27 मार्च को कुढ़नी की गुड़िया कुमारी के नवजात को भर्ती किया गया था।
इस बीच मीनापुर हरका मनशाही की मुस्कान कुमारी अपने नवजात को 29 मार्च को भर्ती कराई थी। मझौलिया की फलक प्रवीण के नवजात को 29 मार्च को ही भर्ती कराया था। मुशहरी की कामिनी कुमारी ने 27 मार्च को अपने बच्चे को भर्ती कराया था। घटना के समय चार बच्चों का इलाज चल रहा था।
तीन को एम्बुलेंस से एसकेएमसीएच भेजा गया
तीन को एम्बुलेंस से एसकेएमसीएच भेजा गया। एक बच्चे को लेकर स्वजन चले गए। वहीं मुस्कान के स्वजन भी अपने बच्चे को निजी अस्पताल में लेकर चले गए। सिविल सर्जन को प्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि यहां पर शार्ट सर्किट व ओवर लोड के कारण आग लगी।
सीएस ने इसकी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय व वरीय अधिकारी को भेजने की बात कही है। प्रबंधक ने कहा कि जब मातृ-शिशु अस्पताल जुलाई 2020 में बना उस समय यहां पर 40 केवी के हिसाब से वायरिंग थी। अभी यहां पर करीब 100 केवी का लोड चल रहा हैं। अगर कापर वायर रहता तो लोड सहन करता। इसके लिए छह माह पहले राज्य मुख्यालय को जानकारी दी गई।
मातृ-शिशु अस्पताल में एसएनसीयू में शार्ट सर्किट से आग लगने के कारण वहां पर भर्ती चार बच्चों को रेफर कर दिया गया। सभी सुरक्षित हैं। कोई उपकरण नहीं जला। वार्ड के अंदर आग नहीं गई। रविवार की सुबह आठ बजे के बाद यहां पर मरीज को भर्ती किया जाएगा। सभी पीएचसी प्रभारी को यह कहा गया हैं कि वे बच्चे को सीधे एसकेएमसीएच रेफर करें। डा. अजय कुमार, सिविल सर्जन