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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आज से पटना के कुर्जी व राजापुर नाले के गंदे पानी का दीघा एसटीपी में होगा शुद्धीकरण

    Updated: Wed, 18 Jun 2025 12:21 PM (IST)

    शहर के दो बड़े नालों कुर्जी एवं राजापुर नाला का गंदा पानी बुधवार से गंगा में नहीं गिरेगा। वर्तमान में दोनों नालों को दीघा सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसट ...और पढ़ें

    राजधानी पटना स्थित समाहरणालय घाट का नजारा। सरोज कुमार।
    राजधानी पटना स्थित समाहरणालय घाट का नजारा। सरोज कुमार।

    HighLights

    1. नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत किया गया है दीघा एसटीपी का निर्माण
    2. दोनों नालों के पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी

    नीरज कुमार, पटना। गंगा को शुद्ध करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया कदम अब धीरे-धीरे साकार हो रहा है। शहर के दो बड़े नालों कुर्जी एवं राजापुर नाला का गंदा पानी बुधवार से गंगा में नहीं गिरेगा। मंगलवार को इसके लिए सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वर्तमान में दोनों नालों को दीघा सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जोड़ दिया गया है। दोनों नालों से वर्तमान में 30 एमएलडी पानी एसटीपी तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही अब दोनों नालों के पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। 

    कुर्जी नाला का पानी अब दीघा एसटीपी जाएगा 

    कुर्जी नाले का गंदा पानी अब सीधे कुर्जी पुल से पाइप के माध्यम से दीघा एसटीपी जाएगा। वहां पर बने संप में पानी संग्रह किया जाएगा। उसके बाद पंप के माध्यम से एसटीपी के टैंक तक पहुंचाया जाएगा। यहां पर पानी शुद्ध करने के लिए चार चैंबर बनाये गए हैं। सबसे पहले पानी में मिश्रित गंदगी को अलग किया जाएगा।

    उसके बाद पंखी चलाकर पानी में क्लोरीन एवं अन्य रसायनिक तत्व मिलाकर उसे शुद्ध किया जाएगा। कुर्जी नाला से राजीवनगर, कुर्जी, दीघा, जयप्रकाश नगर, आशियाना, मजिस्ट्रेट कालोनी, नेपानीनगर एवं खाजपुरा के इलाके जुड़े हुए हैं। वहीं राजापुर पुल के पास गंगा में गिरने वाले नाले का पानी भी अब पाइप के माध्यम से दीघा एसटीपी से जोड़ दिया गया है। इसका पानी भी अब दीघा एसटीपी पहुंचने लगा है। 

    मंदिरी नाले के लिए दुजरा में बन रहा संप 

    मंदिरी नाला का पानी भी जल्द ही दीघा एसटीपी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए तैयारी काफी जोर-शोर से चल रही है। इसके लिए दुजरा पहलवान घाट के पास संप का निर्माण किया जा रहा है। मंदिरी नाले का पानी बांसघाट के रास्ते सबसे पहले दुजरा-पहलवान घाट लाया जाएगा। यहां से संप के माध्यम से दीघा एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। तीनों बड़े नालों का पानी शुद्ध होने के बाद गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। 

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    दीघा में राज्य का सबसे बड़ा एसटीपी तैयार

    दीघा में बनने वाला एसटीपी राज्य का सबसे बड़ा एसटीपी है। इसकी क्षमता 100 एमएलडी है। यहीं पर राजधानी की बड़ी आबादी के मलमूत्र को शुद्ध कर साफ पानी को गंगा में प्रवाहित किया जाएगा। इसके बगल में ही दानापुर एसटीपी का निर्माण किया गया है। इसकी क्षमता 25 एमएलडी की है। दानापुर एसटीपी में दानापुर नहर के पानी को शुद्ध करने की व्यवस्था की गई है। इस एसटीपी में खगौल से लेकर दानापुर तक के पानी को शुद्ध किया जा रहा है।

    शहरी मलमूत्र ही गंगा को कर रहा सर्वाधिक प्रदूषित 

    राजधानी के विभिन्न मोहल्लों के नालों से निकलने वाला मलमूत्र युक्त पानी ही गंगा को सर्वाधिक प्रदूषित कर रहा है। प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि मानव मल से ही फीकल कालीफार्म की मात्रा गंगा के पानी में बढ़ रहा है। जिसके कारण नदी का पानी न तो नहाने लायक रहता है न ही पीने लायक। लेकिन एसपीटी  निर्माण के बाद गंगा के पानी को शुद्ध करने में काफी मदद मिलेगी।

    20 को प्रधानमंत्री करेंगे दीघा-कंकड़बाग एसटीपी का उद्घाटन 

    आगामी बीस जून को प्रधानमंत्री अपने बिहार आगमन के दौरान राजधानी के दीघा एवं कंकड़बाग एसटीपी का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा मोकामा, फतुहा, बख्तियारपुर एवं बेगूसराय एसटीपी का उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। सभी एसटीपी गंगा किनारे बने हैं।