पटना में खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा, अभी और बढ़ने की संभावना
पटना जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है और इसमें और वृद्धि की ...और पढ़ें

दीघा स्थित सभी घाट गंगा में समाए। जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। गंगा नदी का जलस्तर पटना जिले में लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है।
रविवार सुबह छह बजे गांधीघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। यहां जलस्तर 49.54 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 48.60 मीटर है।
आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार सुबह आठ बजे तक गांधीघाट के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की वृद्धि होने की संभावना है। दीघाघाट में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।

रविवार सुबह छह बजे यहां जलस्तर 50.63 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.45 मीटर से 18 सेंटीमीटर अधिक है। केंद्रीय जल आयोग ने सोमवार सुबह आठ बजे तक यहां जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की वृद्धि की संभावना जताई है।
हाथीदह में भी गंगा उफान पर है। रविवार सुबह छह बजे यहां जलस्तर 42.37 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 41.76 मीटर से 61 सेंटीमीटर ऊपर है। आयोग के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे तक हाथीदह में जलस्तर 14 सेंटीमीटर तक बढ़ सकता है।
गांधीघाट में 19 सेंटीमीटर वृद्धि
आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को गांधीघाट में गंगा का जलस्तर 49.35 मीटर था, जो रविवार को बढ़कर 49.54 मीटर हो गया। यानी एक दिन में 19 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
दीघाघाट में शनिवार को जलस्तर 50.43 मीटर था, जो रविवार को बढ़कर 50.63 मीटर हो गया। यहां 20 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। हाथीदह में शनिवार को जलस्तर 42.22 मीटर था, जो रविवार को बढ़कर 42.37 मीटर हो गया। यहां 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
सर्वाधिक जलस्तर का इतिहास
| वर्ष | घाट | जलस्तर (मीटर में) |
|---|---|---|
| 1975 | दीघा | 52.52 |
| 2016 | गांधी | 50.52 |
| 2021 | हाथीदह | 43.52 |
