यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gold Hallmark: बिहार के 23 जिलों में अनिवार्य की गई सोने की हॉलमार्किंग, ग्राहकों को मिलेगा पक्का सौदा
Bihar हाल मार्किंग आभूषण की शुद्धता का मानक है। सोने के हाल मार्किंग में तीन निशान होते हैं। बीआइएस हाल मार्क कैरेट और सुंदरता में सोने की शुद्धता के ...और पढ़ें

HighLights
- केंद्र सरकार ने जारी किया निर्देश, पहले से छह जिले थे शामिल
- बगैर हाल मार्किंग के व्यापारी अब नहीं बेच सकेंगे आभूषण
जागरण संवाददाता, पटना: अब राज्य के 23 जिलों में ज्वेलर्स को हाल मार्किंग वाला ही आभूषण बेचना होगा। बगैर हाल मार्किंग वाले आभूषण नहीं बेचे जाएंगे। यदि बिक्री होती है तो कार्रवाई के दायरे में आएंगे। केंद्रीय उपभोक्ता मामले के खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है। इसके तहत देश के 56 नए जिलों को अनिवार्य गोल्ड हाल मार्किंग के दायरे में शामिल किया गया है।
अब तक देश में 288 जिलों को इसमें शामिल किया गया था, जिनमें बिहार के आधा दर्जन जिले थे। अब बिहार में कुल 23 जिलों को शामिल किया गया है। बीआइएस के निदेशक व प्रमुख एसके गुप्ता ने बताया कि 40 लाख से अधिक टर्नओवर वाले ज्वेलर्स बगैर हाल मार्किंग व एचयूआइडी नंबर के आभूषण नहीं बेच सकेंगे। इसके लिए उन्हें बीआइएस रजिस्ट्रेशन लेना होगा।
इसके अतिरिक्त इससे कम टर्नओवर वाले दुकानदार केवल बगैर हाल मार्किंग व एचयूआइडी नंबर के आभूषण बेचेंगे। राज्य के ये जिले हुए शामिल: बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, खगड़िया, किशनगंज, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, सीतामढ़ी, सहरसा, सिवान, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं।
शुद्धता का मानक है हालमार्किंग
हाल मार्किंग आभूषण की शुद्धता का मानक है। सोने के हाल मार्किंग में तीन निशान होते हैं। बीआइएस हाल मार्क, कैरेट और सुंदरता में सोने की शुद्धता के साथ छह -अक्षर वाला एचयूआईडी कोड भी शामिल होता है। आमजन को आभूषण की सौ प्रतिशत शुद्धता मिले, इसके लिए हाल मार्किंग लागू की गई है। इससे ग्राहकों को फायदा है।