यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NDA की सत्ता आते ही नीतीश सरकार ने बिहार में कर दिया बड़ा एलान, अब मरीजों को इस काम के लिए हर महीने मिलेगा 18 हजार
एनडीए सरकार बनते ही राज्य सरकार ने एक बड़ी घोषणा कर दी है। अब किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले रोगियों को सरकार दवा के लिए 18 हजार महीना देगील। सरकार ने ल ...और पढ़ें

HighLights
- आवश्यक दवाओं की तैयार की गई है सूची
- 2020-21 में 141 मरीजों की किडनी का सफल ट्रांसप्लांट हुआ
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार राज्य के किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले रोगियों को दवा खरीदने के लिए महीने में 18 हजार रुपए देगी। राज्य में गरीब मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से तीन लाख का अनुदान दिया जाता है।
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ उन मरीजों को मिलता है, जिनकी सलाना वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम होती है। सरकारी सहायता मिलने के बाद ऐसे गरीब मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट तो हो जाता है, पर पैसों के अभाव में वे नियमित दवा का सेवन नहीं कर पाते।
विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक दवाओं की सूची तैयार की गई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रकार के मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के लिए निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं और संबंधित विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक दवाओं की सूची तैयार की गई है।
बाजार मूल्य के आधार पर पाया गया कि प्रति रोगी हर माह 18 हजार की दवा की जरूरत होती है। सरकार ने लाभुकों से प्राप्त विवरणी और उससे संबंधित आवेदनों पर मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से दो लाख 16 हजार अनुदान की स्वीकृति दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2018-19 में राज्य में 247 मरीजों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराया था। 2019-20 में 238 मरीजों ने जबकि वर्ष 2020-21 में 141 मरीजों की किडनी का सफल ट्रांसप्लांट हुआ। औसतन हर साल 210 मरीज का किडनी का ट्रांसप्लांट होता है।