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Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज पर 4 शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, जानिए शिव-पार्वती की पूजा का महत्व और विधि

Published: Wed, 12 Aug 2026 06:58 PM (GMT+05:30)

हरियाली तीज व्रत 15 अगस्त शनिवार को शिव और पार्वती के पुनर्मिलन के पर्व के रूप में चार शुभ योगों ...और पढ़ें

हरियाली तीज पर 4 शुभ योगों का दुर्लभ संयोग (AI Generated Image)

हरियाली तीज पर 4 शुभ योगों का दुर्लभ संयोग (AI Generated Image)

HighLights

  1. हरियाली तीज 15 अगस्त को चार शुभ योगों में मनेगी।

  2. सुहागिनें अखंड सौभाग्य के लिए शिव-पार्वती का पूजन करेंगी।

  3. हरे वस्त्र, चूड़ियां पहनकर करेंगी माता पार्वती का 16 शृंगार।

जागरण संवाददाता, पटना। सावन शुक्ल तृतीया 15 अगस्त शनिवार को हरियाली तीज व्रत भगवान शिव और मां पार्वती के पुनर्मिलन के पर्व के रूप में मनाया जाएगा। प्रेम, प्रकृति और सुहाग का पर्व हरियाली तीज चार शुभ योग में मनेगी।

सुहागिन अखंड सुहाग की कामना को लेकर शिव योग, सिद्ध, रवियोग एवं जयद योग में हरियाली तीज का पर्व मनाएंगी। ज्योतिष आचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि सुहागिन शिव-गौरी का पूजन उपवास करने के साथ विधि-विधान के साथ करेंगी।

शनिवार की सुबह 6.30 बजे तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र इसके बाद पूरे दिन उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र के साथ चार शुभ योग का संयोग बना रहेगा। इस दिन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र, चूड़ियां, लहठी, 16 शृंगार के साथ माता पार्वती और भगवान महादेव का पूजन करेंगी।

पूजा, व्रत, आराधना से अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि, वैभव, शांति का वरदान मिलता है। इसे कजरी तीज के रूप में जाना जाता है। मिथिलांचल में नवविवाहिता द्वारा किए जाने वाले मधुश्रावणी व्रत का समापन होगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां पार्वती ने स्वयं शिव की बालुकामयी प्रतिमा बना कर पूजा कर उनको पति रूप में पाई थीं। पर्व प्रकृति प्रेम व संरक्षण का प्रतीक है। शिव पार्वती के समान वैवाहिक जीवन की कामना से महिलाएं पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर कथा श्रवण करती हैं।

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