पौने तीन करोड़ का 'ट्रक' घोटाला: बैंक से लोन लिया, गाड़ियां गायब कीं; बिहार पुलिस ने खोला राज
हाथीदह पुलिस ने पौने तीन करोड़ रुपये के वाहन ऋण घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें मुख्य आरोपी गोपाल सिंह ने बैंक से ऋण लेकर ट्रकों को हड़पने की साजिश ...और पढ़ें

हाथीदह में पौने तीन करोड़ का वाहन ऋण घोटाला उजागर, ऋणकर्ता ने रची थी साजिश
HighLights
हाथीदह पुलिस ने पौने तीन करोड़ का वाहन ऋण घोटाला उजागर किया।
मुख्य आरोपी गोपाल सिंह ने बैंक से ऋण लेकर ट्रकों को हड़पा।
पुलिस ने झारखंड-बिहार से पांच ट्रक बरामद किए, जांच जारी।
संवाद सूत्र, मोकामा (पटना)। हाथीदह पुलिस ने करीब पौने तीन करोड़ के वाहन ऋण घोटाले का खुलासा किया है।पुलिस ने झारखंड और बिहार के कई जिलों में छापामारी कर पांच ट्रक अपने कब्जे में कर इस जालसाजी की पूरी गुत्थी सुलझाने का दावा भी किया है। इस ऋण घोटाले का मुख्य किंगपिन लखीसराय जिले का रहने वाला है।
जानकारी के अनुसार, लखीसराय जिले के वलीपुर ग्राम निवासी गोपाल सिंह ने हाथीदह के बैंक ऑफ बडौदा शाखा से पिछले साल 18 चक्का वाले छह बड़े ट्रक का ऋण स्वीकृत कराया था। बैंक ने बेगूसराय की एजेंसी को सभी छह ट्रकों की कीमत 2 करोड़ 87 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया।
ट्रक मालिक गोपाल सिंह ने एजेंसी से दस्तावेज पर बिना हस्ताक्षर के ही पांच ट्रक हासिल कर लिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रक लेने के बाद गोपाल सिंह ने बैंक का लोन अदा करने से इनकार कर दिया। गोपाल सिंह ने तर्क दिया कि एजेंसी से पांच ट्रक उसे मिले ही नहीं हैं।
लोन का भुगतान नहीं होने पर शाखा प्रबंधक ने ऋणकर्त्ता गोपाल सिंह पर हाथीदह थाने में प्राथमिकी करा दी। मामला दर्ज होने के बाद ट्रक मालिक को अदालत से जमानत मिल गई।
इधर, बाढ़ एसडीपीओ रामकृष्णा ने इस घोटाले की गुत्थी सुलझाने के लिए हाथीदह थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर दी। जांच टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर एक सप्ताह तक झारखंड और बिहार के कई जिलों में छापामारी की।
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इस दौरान बिहार के खगड़िया और झारखंड के धनबाद, दुमका से माल की ढुलाई करते ऋण वाले तीन ट्रकों को कब्जे में ले लिया गया। दो ट्रक दुमका जिले के जामा थाना में पहले से पुलिस ने अन्य मामले में जब्त कर लिए थे। ट्रकों की बरामदगी के बाद चालक और ट्रांसपोर्टर ने वाहन मालिक के रूप में गोपाल सिंह की पहचान की पुष्टि कर दी है।
पुलिस का कहना है कि पौने तीन करोड़ के ट्रक ऋण की रकम हड़पने के लिए ऋणकर्त्ता ने ही पूरी प्लानिंग के तहत गहरी साजिश रची थी। हाथीदह पुलिस अब इस ऋण घोटाले की नए सिरे से जांच कर रही है।
बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक की भूमिका भी संदिग्ध दिख रही है। दूसरे जिले के रहने वाले गोपाल सिंह को इतनी मोटी रकम की ऋण अदायगी शक के दायरे में आ गई है। पुलिस शाखा प्रबंधक और ट्रक की आपूर्ति करने वाली एजेंसी संचालक से भी पूछताछ की योजना बना रही है।
दूसरी ओर, आरोपित ट्रक मालिक गोपाल सिंह की जमानत रद कराने के लिए पुलिस अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। इतने बड़े ऋण घोटाले का खुलासा होते ही कई लोगों की गर्दन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।