यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'Modi की तरह मैं बोलने लगा तो मच जाएगा हड़कंप' PM के भाषणों पर ऐसा क्यों बोल गए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे
खचाखच भरे पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में गूंजने वाली करतल ध्वनि ने संभवत उन्हें आश्वस्त किया जो वे इस बार आइएनडीआइए की जीत का उद्घोष कर गए। इस संश ...और पढ़ें

HighLights
- मोदी आए तो नहीं बचेगा संविधान, झेलनी होगी गुलामी : खरगे
- बोले : मोदी की तरह ही मैं बोलने लगूं तो मच जाएगा हड़कंप
राज्य ब्यूरो, पटना। ओजपूर्ण आवाज और तथ्यपूर्ण आरोप से रविवार को एनडीए पर हमलावर रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का पूरा प्रयास अपने वोटों को एकजुट करने का रहा।
एक वाक्य में वे बिहार की अस्मिता व राजनीतिक चेतना की दुहाई देकर सर्व-समाज को साधने का उपक्रम किए। दूसरे वाक्य में संविधान और आरक्षण पर संकट बताकर उन वर्गों को आकर्षित करने की चेष्टा भी, जिनके मत पिछले दो चुनावों में राजग की जीत में निर्णायक रहे हैं।
संविधान में उल्लेखित बाबा साहेब आंबेडकर की दो टिप्पणियों का उल्लेख कर उन्होंने संविधान बचाओ जन-संवाद में उपस्थित जनसमूह को अपने मत से एकाकार करने का भरसक प्रयास किया।
मंगलसूत्र, भैंस आदि छीन मुसलमानों को देने से संबंधित बयानों को खरगे ने समाज में वैमनस्यता पैदा करने का उपक्रम बताया। लालटेन लेकर विपक्षी नेताओं के मुजरा करने वाले बयान को बिहार का अपमान बताया। खरगे ने ऐसे घृणित बयानों (हेट स्पीच) के लिए चुनाव आयोग से कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
कालाधन वापस लाने, प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरी देने, किसानों की आय दोगुनी करने, स्मार्ट सिटी बनाने और बुलेट ट्रेन चलाने आदि वादे पूरा नहीं करने के लिए उन्होंने मोदी को झूठाें का सरदार करार दिया।
खरगे ने कहा कि कभी मोदी की दृष्टि में जो भ्रष्ट-कलंकित था, वह उनके शरणागत होकर स्वच्छ हो गया। मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड आदि राज्यों में उन्होंने खरीद-फरोख्त कर कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया।
जांच एंजेंसियों को लेकर बोला हमला
खरगे ने कहा कि उनके पास सीबीआइ, ईडी, सीवीसी, इनकम टैक्स, पुलिस आदि हथियार हैं और वे एक-एक कर सभी को जेल में डालेंगे। मैं भी मोदी की तरह अपनी भाषा में बोलने लगूं तो हड़कंप मच जाएगा, लेकिन इस बार न मोदी आएगा, न राजग। आइएनडीआइए की सरकार बनेगी तो संविधान और आरक्षण दोनों बचेगा। कांग्रेस पांच न्याय व 25 गारंटियों का अपना वादा पूरा करेगी।
पटना साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी अंशुल अविजीत के पक्ष में जन-संवाद का आयोजन हुआ था। पूर्व निर्धारित समय से सवा घंटे विलंब से पहुंचे खरगे ने जब माइक संभाली तो मंच धारा-प्रवाह हो गया।
अपने राजनीतिक जीवन का किया उल्लेख
अपने 53 वर्षों के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इधर-उधर ताक-झांक में विश्वास ही नहीं और न ही मोदी की तरह सहानुभूति बटोरकर आगे बढ़ने की ललक है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के पुश्तैनी गांव में आगजनी में अपनी मां-बहन को खोने के बाद वे पिता के साथ बचपन में गुलबर्ग चले आए। वहां से संघर्षपूर्ण जीवन की शुरुआत हुई, लेकिन उस त्रासद-कथा का वे पहला उल्लेख पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद जीवन से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के बाद ही किए।
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मोदी की आलोचना में उस बात को दोहराते हुए खरगे कहते हैं कि ट्रेन में चाय बेचता था, माताजी ऐसी-वैसी थीं आदि की बातें कांग्रेस नहीं करती। सच्चाई तो यह है कि मोदी के पिता ठेकेदार थे और मोदी भी। नेहरू के मंत्रिमंडल में एक तिहाई सदस्य कांग्रेस के इतर वाले थे, क्योंकि गांधी-नेरूर लोकतंत्र के बीज को इस देश में गहराई तक रोपना चाहते थे। मोदी को तो सपने में भी गांधी परिवार आता है। ऐसा सोचने वाला देश का भला क्या करेगा।
दीपांकर ने भी सभा को किया संबोधित
जन-संवाद को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि मोदी आरक्षण छीनने का प्रयास कर रहे और हम उसका दायरा बढ़ाने का। आइएनडीआइए को सत्ता मिली तो आरक्षण की सीमा बढ़ाई जाएगी, जैसे बिहार में हुआ। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार, कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मोहन प्रकाश व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह आदि मंचस्थ रहे।