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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: IGIMS पटना ने RG Kar Medical College की घटना से लिया सबक, हॉस्पिटल में लगाए जाएंगे 200 CCTV कैमरे

    Updated: Tue, 20 Aug 2024 07:57 AM (IST)

    इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना (Kolkata Doctor Murder Case ) से सबक लेते हुए अस्पताल परिसर में 200 सीसीटीवी कै ...और पढ़ें

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना से आइजीआइएमएस ने लिया सबक।
    आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना से आइजीआइएमएस ने लिया सबक।

    HighLights

    1. वरीय पदाधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर सुरक्षा खामियों को किया चिह्नित
    2. परिसर में 200 सीसीटीवी लगाने के लिए तैयार किया गया प्रस्ताव
    3. महिला डॉक्टर कर्मियों के लिए बनेगा अलग रेस्टरूम व वॉशरूम

    जागरण संवाददाता, पटना। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन के निर्देश के आलोक में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में महिला चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था की खामियां दूर करने का कार्य शुरू हो गया है।

    इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में सोमवार को निदेशक डॉ. बिन्दे कुमार, उप निदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा, चिकित्साधीक्षक डॉ. मनीष मंडल, डीन डॉ. ओम कुमार ने डॉक्टरों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एक बैठक की।

    अलग रेस्ट रूम व वॉशरूम का होगा निर्माण

    डॉक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैठक में पूरे परिसर में 200 सीसीटीवी कैमरे लगवाने का प्रस्ताव तैयार किया गया।

    इसके अलावा, पीजी छात्र-छात्राओं की मांग को देखते हुए अलग रेस्ट रूम, महिलाकर्मियों के लिए अलग वॉशरूम का निर्माण कराने का प्रस्ताव पारित किया गया।

    महिला डॉक्टर कर्मियों के रेस्ट रूम में चाय-कॉफी, फ्रिज, माइक्रोओवेन आदि की भी व्यवस्था होगी।

    28 अगस्त को होने वाली शासी निकाय की बैठक में इन प्रस्तावों को पेश किया जाएगा। वहां इन पर मुहर लगने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

    इमरजेंसी से लेकर सभी वार्डों में मिलेगी सुविधा

    डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि जूनियर डॉक्टर सुरक्षा के लिए जो मांगें कर रहे थे, उसे ध्यान में रखते हुए महिला जूनियर डॉक्टरों के लिए अलग ड्यूटी रूम, शौचालय समेत अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। इमरजेंसी से लेकर सभी वार्डों में अलग से सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा।

    उपनिदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने कहा कि इमरजेंसी समेत अन्य वार्ड, जहां महिला डॉक्टरों की ड्यूटी रहती है, वहां खाली व सुरक्षित स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग विभाग को निर्माण के लिए निरीक्षण करने को कहा गया है।

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