यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Teacher Recruitment: शिक्षक भर्ती काउंसलिंग के बाद ये तीन गलतियां पड़ेंगी भारी, होगी कड़ी कार्रवाई
Bihar Teacher Counselling बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा की काउंसलिंग में शिक्षक नियुक्ति परिणाम को लेकर झूठ फैलाने वाले शिकायतकर्ताओं को परिणाम भी भुग ...और पढ़ें

HighLights
- शिक्षक भर्ती काउंसिलिंग में तीन गलतियां पड़ेंगी भारी
- झूठ फैलाने वालों को भुगतना होगा परिणाम
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Teacher Counselling: बीपीएससी अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने शुक्रवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि शिक्षक नियुक्ति परिणाम को लेकर झूठ फैलाने वाले शिकायतकर्ताओं को परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कक्षा 11 व 12 की परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों की शिकायत है कि उनके अच्छे प्रदर्शन के बाद भी बहुत खराब अंक मिले हैं। ऐसे उम्मीदवार सुनिश्चित कर लें कि उन्होंने ओएमआर में सही विषय संयोजन चुना है या नहीं।
अध्यक्ष ने कहा कि हमें कुछ शिकायतें मिली हैं कि कटआफ से अधिक अंक होने के बावजूद अभ्यर्थियों का चयन नहीं किया गया है। जांच करने पर पता चला कि संबंधित बीएड धारक प्राथमिक शिक्षक के अभ्यर्थी थे।
फर्जी दस्तावेज से परीक्षा में शामिल होने वालों पर कार्रवाई
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में गलत प्रमाण पत्र जमाकर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई का मन बना लिया है। इसके दायरे में लगभग 500 अभ्यर्थी चिह्नित किए गए हैं। इनसे कारण पूछा गया है। सात नंवबर तक आयोग की ईमेल आइडी पर संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में आयोग संबंधित अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित भी कर सकता है।
दस्तावेज सत्यापन में सैकड़ों अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे
संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक (शिक्षक नियुक्ति) सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि विद्यालय अध्यापक नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के बाद दस्तावेज सत्यापन में सैकड़ों अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हैं। अभ्यर्थी आवेदन के समय अपने दावा एवं उसके समर्थन में आवश्यक प्रमाण पत्रों को समर्पित करते हुए तथ्यों के सही होने की वचनबद्धता दी थी, परंतु दस्तावेजों के सत्यापन के समय पर्याप्त अवसर होने के बाद भी अनुपस्थित रहे।
आयोग इसे कुप्रयास और कदाचार के दायरे में मानता है। ऐसे अभ्यर्थी सात नवंबर तक आयोग के ईमेल पर अपना स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करते हैं तो उन्हें कदाचार की श्रेणी में दोषी मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई करेगा।
31 अक्टूबर तक जिला शिक्षा कार्यालय में आकर करा सकते हैं मूल कागजातों का सत्यापन
बीपीएससी द्वारा नियुक्त शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग प्रक्रिया पटना हाई स्कूल,गर्दनीबाग में शुक्रवार को हुई। हालांकि, सामान्य दिनों की तुलना में काउंसलिंग करने वाले अभ्यर्थी कम आए। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजकमल ने बताया कि शुक्रवार को 13 शिक्षक अभ्यर्थियों के कागजातों का सत्यापन किया गया।
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सभी को सत्यापन करने के बाद विशेष प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण संस्थान भेज दिया गया। शिक्षकों अभ्यर्थियों की काउंसलिंग प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। फिर जो अभ्यर्थी किन्हीं कारणों से निर्धारित तिथि में नहीं पहुंच पाए वे 31 अक्टूबर तक जिला शिक्षा कार्यालय में आकर मूल कागजातों का सत्यापन करा सकते हैं।
शुक्रवार को काउंसलिंग प्रक्रिया जिला शिक्षा कार्यालय में होनी थी, लेकिन अभ्यर्थी यहां ना आकर पटना हाई स्कूल पहुंच गए। इसलिए शिक्षक अभ्यर्थियों की काउंसलिंग पटना हाई स्कूल में ही किया गया।
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