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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PMCH अस्पताल में बड़ी लापरवाही आई सामने! जूनियर डॉक्टर ने ही कर दी स्टोन की सर्जरी, महिला की हुई मौत

    Updated: Tue, 30 Apr 2024 04:59 PM (IST)

    पीएमसीएच में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है और रविवार को यहां सीनियर डाक्टरों के गायब रहने की वजह से एक महिला की मौत हो गई। यहां सीनियर डॉक्टर जूनिय ...और पढ़ें

    PMCH अस्पताल में बड़ी लापरवाही आई सामने (File Photo)
    PMCH अस्पताल में बड़ी लापरवाही आई सामने (File Photo)

    HighLights

    1. सर्जरी के दौरान गायब थे सीनियर डॉक्टर
    2. स्वजन ने अस्पताल प्रशासन से की जांच कर कार्रवाई की मांग की
    3. पेट में दर्द की शिकायत पर स्वजन ले गए थे पीएमसीएच

    जागरण संवाददाता, पटना। पीएमसीएच में जूनियर को कार्य सौंप कर सीनियर डॉक्टरों के गायब रहने की आदत से रविवार को एक महिला की मौत हो गई। बुद्धा कॉलोनी स्थित चीना कोठी निवासी सत्यनारायण धांगर की 38 वर्षीय पत्नी अनिता देवी को पेट में दर्द था।

    स्वजन ने उन्हें पीएमसीएच के सर्जरी विभाग की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जांच में गाल ब्लाडर में स्टोन की पुष्टि हुई। पति सत्यनारायण धांगर ने बताया कि सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र प्रसाद की यूनिट में भर्ती कराया गया था।

    सर्जरी के समय कोई भी डॉक्टर नहीं था ऑपरेशन थियेटर में

    शनिवार को उसकी सर्जरी की गई लेकिन उस वक्त कोई भी सीनियर डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर में नहीं था। जूनियर डॉक्टर के ऑपरेशन करने के बाद पत्नी की हालत बिगड़ती चली गई और रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।

    सीनियर डॉक्टरों के न होने व जूनियर के अति उत्साह के कारण उनकी पत्नी की मृत्यु हुई है। आक्रोशित स्वजन ने अस्पताल प्रशासन से डॉक्टरों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

    दूरबीन के साथ पेट भी खोला पर नहीं बची जान

    पति का कहना है कि सर्जरी से पहले पत्नी पूरी तरह ठीक थी। ओटी में जाने से पहले सबसे बातचीत भी की लेकिन एनेस्थीसिया देने के बाद जूनियर डॉक्टर ने सर्जरी की। पहले दूरबीन विधि से सर्जरी की और हालत बिगड़ने पर पेट खोलकर ऑपरेशन किया। जब हालत ज्यादा खराब होने लगी तो दो सीनियर डॉक्टर देखने पहुंचे।

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    इसमें यूनिट इंचार्ज और एक अन्य सीनियर डॉक्टर थे। तबियत में सुधार नहीं होने पर आइसीयू के बेड नंबर 15 पर भर्ती कर वेंटिलेटर पर रख दिया। सत्यनारायण धांगर ने बताया कि वह कुर्सी बिनाई काम करते हैं। इसमें उनकी पत्नी अनिता देवी साथ देती थी। बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। इनकी लापरवाही से मेरा पूरा परिवार उजड़ गया।

    विभागाध्यक्ष ने आरोप से किया इंकार

    सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र प्रसाद ने कहा कि महिला को लिवर के अलावा अन्य कई रोग थे। उसे गंभीर हालत में पीएमसीएच लाया गया था। लैप्रोस्कोपिक सर्जन डा. विनोद कुमार ने महिला की सर्जरी की थी। बाद में मैं भी देखने गया था। सीनियर के बदले जूनियर डॉक्टर द्वारा सर्जरी की बात सही नहीं है।

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