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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar New DGP : शहाबुद्दीन को गिरफ्तार करने वाले राजविंदर सिंह भट्टी होंगे नए डीजीपी, 1990 बैच के हैं IPS अफसर

    By Jagran NewsEdited By: Yogesh Sahu
    Updated: Sun, 18 Dec 2022 02:45 PM (IST)

    बिहार के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आईपीएस अधिकारी राजविंदर सिंह भट्टी होंगे। वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पूर्वी कमान के एडीजी के पद पर कार्यरत थे। व ...और पढ़ें

    1990 बैच के IPS राजविंदर सिंह भट्टी होंगे नए डीजीपी, केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर आए थे बिहार
    1990 बैच के IPS राजविंदर सिंह भट्टी होंगे नए डीजीपी, केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर आए थे बिहार

    पटना, ऑनलाइन डेस्क। बिहार के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आईपीएस अधिकारी राजविंदर सिंह भट्टी होंगे। वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पूर्वी कमान के एडीजी के पद पर कार्यरत थे। भट्टी सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को गिरफ्तार कर चर्चा में आए थे।

    वर्तमान में प्रदेश के डीजीपी पद पर कार्यरत एसके सिंघल का कार्यकाल सोमवार को पूरा हो रहा है। ऐसे में रविवार को ही नए डीजीपी के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

    डीजीपी की रेस में थे कई नाम

    बीते एक पखवाड़े से डीजीपी की रेस में कई नाम चल रहे थे। इनमें 1989 बैच के आईपीएस एवं डीजी प्रशिक्षण आलोक राज, 1990 बैच के आईपीएस एवं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए आरएस भट्टी और 1990 बैच की आईपीएस और डीजी अग्निमशन एवं होमगार्ड सेवाएं शोभा ओहटकर का नाम चल रहा था।

    इस रेस में पंजाब के मूल निवासी और बिहार कैडर के 1988 बैच के आईपीएस मनमोहन सिंह का नाम भी शामिल बताया जा रहा था। डीजीपी के लिए केंद्र से भेजे गए तीन नामों में से भी चयन होना था। मनमोहन सिंह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में विशेष निदेशक के पद पर तैनात हैं।

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    डीजी रैंक में हैं 11 अफसर

    वर्तमान में बिहार कैडर में डीजी रैंक के 11 अफसर हैं, इनमें से छह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। गृह विभाग की ओर से केंद्र को सभी 11 डीजी रैंक के अफसरों के नाम भेजे गए थे। सूत्रों के अनुसार, इनमें से तीन नामों का चयन कर सूची वापस राज्य सरकार को भेज दी गई थी। इन्हीं तीन नामों में से ही राज्य सरकार किसी एक नाम को डीजीपी के पद के लिए चुनना था।