यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar: नीतीश सरकार ने प्रेग्नेंट महिलाओं को दी खुशखबरी, 48 घंटे के अंदर बैंक अकाउंट में आएंगे इतने पैसे
जननी बाल सुरक्षा योजना (Janani Bal Suraksha Yojana) के तहत अब प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में जाएगी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की ...और पढ़ें

HighLights
- अब 48 घंटे में पहुंचेगी जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि
- जननी बाल सुरक्षा योजना प्रोत्साहन राशि अब सीधे लाभार्थियों के खाते में
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी पोर्टल से सीधे लाभुक के खाते में पहुंचेगी राशि
- मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार व संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए दी जाती है प्रोत्साहन राशि
जागरण संवाददाता, पटना। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने व शिशु मृत्यु दर की रोकथाम के लिए जननी बाल सुरक्षा योजना (Janani Bal Suraksha Yojana) के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अब सीधे लाभुकों के खाते में जाएगी।
इस योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 48 घंटे के अंदर लाभुक के खाते में पहुंचे इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Bihar Health Minister Mangal Pandey) ने 15 जनवरी को बापू सभागार से जेबीएसवाई के डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) पोर्टल का शुभारंभ किया था।
88 स्वास्थ्य संस्थानों में शुरू हुई व्यवस्था
इस पोर्टल के माध्यम से प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था 88 स्वास्थ्य संस्थानों में शुरू कर दी गई है। 20 जनवरी तक जेबीएसवाइ डीबीटी पोर्टल पर 25 हजार 448 महिलाएं पंजीकृत हो चुकी थीं। इसमें 18 हजार 895 प्रसव हो चुके हैं। कुल प्रसव में 8 हजार 568 बच्चियां हैं।
कितनी राशि मिलेगी?
बताते चलें कि महिलाओं के उत्थान को संचालित जेबीएसवाई योजना के तहत संस्थागत प्रसव पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 एवं शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1000 रुपये मिलते हैं।
एक फरवरी से डीबीटी पोर्टल से भुगतान अनिवार्य:
राज्य स्वास्थ्य समिति की वित्त निदेशक बृन्दा लाल ने सभी सिविल सर्जन को इस बाबत पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत एक फरवरी से सभी प्रसूता को संस्थागत प्रसव के बाद दी जाने वाली राशि जेबीएसवाई पोर्टल से ही दी जाएगी।
सोमवार को संस्थागत प्रसव कराने वाले संस्थानों के एमओआइसी, बीएचएम व प्रखंड लेखापाल का उन्मुखीकरण किया गया। राज्य में वित्तीय वर्ष 2024-25 में नवंबर तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 10 लाख 69 हजार 923 संस्थागत प्रसव हुए हैं।
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जननी बाल सुरक्षा योजना का उद्देश्य
- मातृ मृत्यु दर में कमी लाना
- शिशु मृत्यु दर में कमी लाना
- संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना
- माता एवं शिशु के स्वास्थ्य का ख्याल रखना
बता दें कि जननी बाल सुरक्षा योजना का लाभ उठाने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने प्रसव और शिशु के जन्म के लिए आशा के सहयोग से सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण कराना होता है। पंजीकृत महिलाओं को इस योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है।