यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: '10-10 करोड़ का ऑफर दिया...',जदयू विधायक ने RJD पर लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप; पटना में FIR दर्ज
जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने कहा है कि जदयू विधायकों को 5 करोड़ रुपये पहले और 5 करोड़ रुपये बाद में देने का ऑफर दिया गया था। अपनी शिकायत में सुंधाशु शे ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Politics News बिहार में फ्लोर टेस्ट तो पूरा हो गया, लेकिन सियासी ड्रामा अभी भी बाकी है। जदयू विधायक सुंधाशु शेखर ने अब राजद नेताओं पर हॉर्स ट्रेडिंग के मामले में केस दर्ज कराया है। सुधांशु शेखर का आरोप है कि जदयू के विधायकों को तोड़ने के लिए 10-10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया।
प्राथमिकी के मुताबिक, सुधांशु शेखर ने कहा है कि जदयू विधायकों को 5 करोड़ रुपये पहले और 5 करोड़ रुपये बाद में देने का ऑफर दिया गया था। बता दें कि सुधांशु शेखर की एफआईआर पटना कोतवाली में दर्ज की गई है। अपनी शिकायत में सुंधाशु शेखर ने यह भी कहा है कि जेडीयू विधायकों को पैसों के साथ-साथ मंत्री पद का भी लालच दिया गया था।

इन विधायकों के अपहरण को लेकर केस दर्ज
उल्लेखनीय है कि बिहार में फ्लोर टेस्ट के बाद जदयू अपने गायब विधायकों पर एक्शन लेने के मूड में हैं। जेडीयू विधायक डॉ. संजीव, बीमा भारती और दिलीप राय के अपहरण को लेकर केस दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने सुधांशु शेकर की शिकायत पर तेजस्वी यादव के करीबी ठेकेदार सुनील पर किडनैपिंग का केस दर्ज किया है। हालांकि, सुनील का कहना है कि इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें मामले की जानकारी भी नहीं है।
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विपक्ष द्वारा लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नकाम- जदयू
विधानसभा में एनडीए द्वारा विश्वासमत हासिल किए जाने पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने अपनी बधाई दी। अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नाकाम हो गयी। यह नीतीश कुमार के प्रति बिहार की 13 करोड़ जनता के अटूट विश्वास की जीत है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार को अस्थिर करने के लिए बड़े पैमाने पर धन-बल के प्रयोग एवं तमाम तरह के हथकंडे अपनाए गए थे। जदयू के विधायकों के बारे में तरह- तरह से भ्रांतियां फैलायी गयी थीं पर आखिरकार सत्य की जीत हुई। यह जीत वास्तव में बिहार के जनती की आकाींक्षा और विश्वास की जीत है।