यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'दुबई से स्मार्ट मीटर उखाड़ कर लाएं तेजस्वी और...', JDU ने दे दी खुली चुनौती, कहा- केरल भी तो जाओ
Tejashwi Yadav on Smartmeterबिहार की राजनीतिक खबरों में जदयू और कांग्रेस के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद है। जदयू ने आरोप लगाया है कि नेता प्रतिपक्ष ...और पढ़ें

HighLights
- स्मार्ट मीटर को लेकर तेजस्वी यादव पर जेडीयू ने साधा निशाना
- जेडीयू ने तेजस्वी को केरल जाकर स्मार्ट मीटर का विरोध करने कहा
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रवक्ता अंजुम आरा और मनीष यादव ने मंगलवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दुबई से स्मार्ट मीटर को उखाड़ कर लाएं और बिहार के लोगों को डेमो दिखाएं।
केरल में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कब आवाज उठाएंगे तेजस्वी
जदयू प्रवक्ताओं ने कहा कि केरल में भी स्मार्ट मीटर लगाया गया है और वहां बड़ी संख्या में बिहार के लोग रहते हैं। यहां हाय-तौबा मचाने वाले तेजस्वी यादव केरल में स्मार्ट मीटर के खिलाफ आंदोलन करने कब जाएंगे? जिस समय 112 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर जारी हुआ एवं 2023-24 में कंपनी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किया गया, उस समय तेजस्वी यादव सरकार का हिस्सा थे। तब उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया?
जदयू प्रवक्ताओं ने कहा कि स्मार्ट प्रीपे़ड मीटर का उद्देश्य बिजली चोरी को रोकना और बिलिंग को सटीक बनाना है। पुराने मीटर को बदलने के लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। उपभोक्ताओं के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
आज से स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
बिजली के स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस आज यानी बुधवार से वह जन-जागरण अभियान की शुरुआत कर रही। नालंदा में जनसभा कर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डा. अखिलेश प्रसाद सिंह जन-जागरण का शंखनाद करेंगे। वे समाज के विभिन्न वर्गां के साथ स्मार्ट प्री-पेड मीटर के जरिये कथित उगाही पर चर्चा करेंगे।
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स्मार्ट मीटर के दुरुपयोग और इस योजना के पीछे की मंशा से आम जनता को अवगत कराएंगे। इसी लक्ष्य से जन-जागरण अभियान की शुरुआत हो रही। बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं से अधिक बिजली बिल की वसूली जा रही है। कम बिजली की खपत के बाद भी उपभोक्ताओं को अधिक राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। यह जनता की जेब काटने वाला तरीका है।