Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    7000 से अधिक महिलाओं को रोजगार, बिजली विभाग के 65 कार्यालयों में ‘जीविका दीदियों’ ने संभाली स्वच्छता की कमान

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 03:36 PM (GMT+05:30)

    जीविका दीदियां अब बिजली विभाग के 65 कार्यालयों में स्वच्छता दूत के रूप में पहचान बना रही हैं। ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) और एसबीपी ...और पढ़ें

    स्वच्छता की जिम्मेदारी दीदियों के हाथ

    स्वच्छता की जिम्मेदारी दीदियों के हाथ

    राज्य ब्यूरो, पटना। हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली जीविका दीदियां अब स्वच्छता दूत के रूप में भी अपनी पहचान बना रही हैं। ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद दीदियों ने बिजली विभाग के 65 कार्यालयों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभाल ली है।

    सरकारी संस्थानों में पहले से सक्रिय भूमिका

    जीविका दीदियां पहले से ही विभिन्न सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के साथ हुए समझौते के तहत मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अनुमंडल अस्पतालों में साफ-सफाई का कार्य वे कर रही हैं। इसके अलावा आवासीय विद्यालयों में भी उनकी जिम्मेदारी तय है।

    विभिन्न वर्गों के विद्यालयों में भी सेवाएं

    राज्य के अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में भी जीविका दीदियां स्वच्छता का कार्य बखूबी निभा रही हैं। इन संस्थानों में उनकी सेवाओं से व्यवस्था में सुधार देखा जा रहा है।

    बिजली विभाग में बढ़ा दायरा

    इसी क्रम में अब नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कार्यालयों में भी साफ-सफाई की जिम्मेदारी दीदियों को सौंपी गई है।

    विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इससे सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

    रोजगार और सशक्तिकरण को बढ़ावा

    एसबीपीडीसीएल के साथ इस नई साझेदारी से रोजगार के अवसरों का विस्तार हुआ है। इससे न केवल महिलाओं को काम मिला है, बल्कि उनकी भूमिका और भी सशक्त हुई है।

    भविष्य में इस मॉडल को अन्य विभागों में लागू करने की योजना है।

    7000 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार

    वर्तमान में राज्य भर में 700 से अधिक इकाइयों में जीविका दीदियां साफ-सफाई सेवाएं दे रही हैं।

    इससे 7000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है और उनकी मासिक आय ₹8,000 से ₹12,000 तक हो रही है, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।

    खबरें और भी