यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'लालू जी के लोगों की आबादी 10% है...', RJD चीफ को जरूर चुभेगी मांझी की ये बात! नीतीश के सामने रख दी डिमांड
जीतन राम मांझी ने एक बार फिर जातिगत सर्वे पर सवाल खड़े किए हैं। इस बार उनकी बात लालू यादव को चुभ सकती है। पूर्व सीएम ने कहा कि लालू जी के लोगों की आबा ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Caste Census बिहार सरकार ने जातिगत सर्वे की रिपोर्ट मंगलवार को विधानसभा में पेश कर दी। नीतीश कुमार ने जहां इसे एतिहासिक कदम बताया तो वहीं विपक्ष ने इसपर तल्ख टिप्पणी की। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के मुखिया जीतन राम मांझी ने कहा है यदि मुहसर/भुइयां की आबादी 5 प्रतिशत है तो उशका प्रतिनिधित्व एक प्रतिशत से कम क्यों है।
जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "CM साहब आप बस इतना कर दीजिए कि जितनी जिसकी आबादी है उसे उतनी हिस्सेदारी मिल जाए।"
'लालू जी के लोगों की आबादी 10 प्रतिशत है...'
उन्होंने लिखा, "यदि मुसहर/भुइयां की आबादी 5% है तो उसका प्रतिनिधित्व 1% से भी कम और 'लालू जी' के लोगों की आबादी 10% है तो उन्हें सत्ता में 22% भागेदारी? अब यह नहीं चलेगा। आबादी हमारी, राज तुम्हारा, नहीं चलेगा-नही चलेगा"।
'वाह रे जातिगत जनगणना...'
इससे पहले भी मांझी ने जातिगत सर्वे पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने एक्स पर लिखा था, "वाह रे जातिगत जनगणना। सूबे के 45.54% मुसहर अमीर हैं, 46.45% भुइयां अमीर हैं? साहब सूबे के किसी एक प्रखंड में 100 मुसहर या भूईयां परिवारों की सूची दे दिजिए जो अमीर हैं? आप चाचा भतीजा को जब जनगणना करना था तो फिर कागजी लिफाफेबाजी क्यों? सूबे में 'जनगणना' के बहाने खजाने की लूट हुई है।"
मांझी ने एक और पोस्ट में ये कहा था, "बिहार सरकार मानती है जिस परिवार की आय प्रति दिन 200 रुपये है वह परिवार गरीब नहीं है। गरीबी का इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता। माना कि एक परिवार में 5 सदस्य हैं तो सरकार के हिसाब से परिवार का एक सदस्य को 40 रुपये में दिन गुजारना है। चाचा-भतीजा जी 40 रुपये में कोई व्यक्ति दिन भर गुजारा कर सकता है?"