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खेसारी लाल ने की 'मन की बात': भोजपुरी स्‍टार ने Gen-Z से कहा- आप अब इस मुद्दे पर करिए आंदोलन

Published: Fri, 31 Jul 2026 03:07 PM (IST)

भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने Gen Z से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की ...और पढ़ें

खेसारी लाल यादव ने हेल्‍थ सिस्‍टम पर उठाए सवाल।

खेसारी लाल यादव ने हेल्‍थ सिस्‍टम पर उठाए सवाल।

HighLights

  1. खेसारी लाल ने Gen Z से स्वास्थ्य सुधार पर आंदोलन की अपील की।

  2. निजी अस्पतालों की मनमानी और सरकारी व्यवस्था पर उठाए सवाल।

  3. शिक्षा आंदोलन की तरह स्वास्थ्य के लिए एकजुट होने का आह्वान।

डिजिटल डेस्क, पटना। भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपनी 'मन की बात' साझा कीहै।

बांकीपुर उपचुनाव के पहले प्रशांत क‍िशोर के समर्थन में बोलने के बाद अब उन्होंने युवाओं, खासकर Gen Z, से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।

खेसारी लाल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के अपने हैंडल पर एक लंबा पोस्ट लिखा है। इसमें जेन Z को संबोधि‍त किया है। 

लिखा है क‍ि जिस तरह Gen Z ने शिक्षा के मुद्दे पर आंदोलन कर बदलाव की शुरुआत की, उसी तरह अब देश और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी व्यापक जनआंदोलन की जरूरत है।

उनका कहना है कि शिक्षा के मुद्दे पर युवाओं की सक्रियता का असर पूरे समाज ने देखा और महसूस किया है। अब समय आ गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी उसी तरह संगठित प्रयास किए जाएं।

निजी अस्पताल और बीमा कंपनियों पर उठाए सवाल

अपने पोस्ट में खेसारी ने लिखा कि आज के समय में यदि किसी व्यक्ति के पास हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो निजी अस्पताल में इलाज कराना लगभग असंभव हो जाता है।

वहीं छोटे शहरों के सरकारी अस्पतालों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों, हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों और दवा कंपनियों के बीच ऐसा तंत्र बन गया है, जिससे आम मरीज और उसका परिवार बाहर नहीं निकल पाता।

उन्होंने कहा कि परिवार के किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से झकझोर देती है। इलाज का खर्च लोगों को वर्षों पीछे धकेल देता है और कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं।

'यह हर घर की कहानी है'

खेसारी लाल यादव ने अपने पोस्ट में भावुक अंदाज में लिखा कि संभव है उनकी यह 'मन की बात' उन लोगों को तब तक महत्वपूर्ण न लगे, जब तक उनके किसी अपने के साथ ऐसी स्थिति न आए।

लेकिन उनका दावा है कि यह समस्या आज लगभग हर घर की कहानी बन चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब अगली सामूहिक आवाज स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए उठनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले भी इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और आगे भी इस लड़ाई में लोगों के साथ खड़े रहेंगे।