यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KK Pathak: केके पाठक के राज में कर रहे थे चालाकी... अब पूरा धंधा ही हो गया चौपट; जानिए क्या है मामला?
Bihar News Today केके पाठक के कार्यकाल में स्कूली बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना एक एजेंसी को भारी पड़ गया। अब इस एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार के सरकारी स्कूल में बच्चों के भविष्य से खेलने वाली एजेंसी पर कार्रवाई हो गई।
- डीईओ संजय कुमार ने एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है।
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar News: बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक (KK Pathak) के राज में बेईमानी करना एक डेस्क-बेंच बनाने वाली एजेंसी को भारी पड़ गया। केके पाठक के विभाग के अधिकारी ने उस एजेंसी को काली सूची में डाल दिया है, साथ ही भुगतान पर रोक लगा दी है।
जानिए क्या है पूरा मामला
राजकीयकृत चिरैयाटांड़ उच्च माध्यमिक स्कूल में लकड़ी की कुन्नी से बनी बेंच-डेस्क टूटने की खबर दैनिक जागरण छपने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) शनिवार को एक्शन में दिखे। वे एजेंसी द्वारा स्कूल को दी गई बेंच -डेस्क की जांच करने स्कूल पहुंचे।
उनके साथ अभियंता पिंटू कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजकमल मौजूद थे। डीईओं ने बेंच-डेस्क की जांच की और पाया कि ज्ञान टेक्नोलाजिकल सिस्टम प्राईवेट लिमिटेड (एजेंसी) द्वारा इस स्कूल को लकड़ी की कुऩ्नी से निर्मित 50 जोड़ा बेंच-डेस्क दी है। यहीं नहीं एजेंसी ने प्रधानाध्यापक से गलत तरीके से ढाई लाख के बिल पर भी हस्ताक्षर कराया।
एजेंसी को काली सूची में डाल दिया गया: डीईओ संजय कुमार
डीईओ संजय कुमार ने बातचीत में बताया कि एजेंसी को काली सूची में डाल दिया गया है। साथ ही उसके बिल के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई। उक्त एजेंसी द्वारा जहां भी बेंच-डेस्क उपलब्ध करायी गई है उसकी भी जांच की जाएगी। डीईओ ने कहा कि जिले के स्कूलों को कुल 68 हजार बेंच-डेस्क दिया जाना है। इनमें से 44 हजार बेंच-डेस्क की आपूर्ति हो चुकी है। शेष 24 हजार बेंच-डेस्क का वितरण जांच के बाद होगा।
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