यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KK Pathak : केके पाठक ने दिया ऐसा टास्क कि हांफने लगे अधिकारी, उधर सैकड़ों टीचर की Salary कटी
KK Pathak बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक अपने फरमानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अब गर्मी के मौसम में पाठक के दिए टास्क को पूरा ...और पढ़ें

HighLights
- भीषण गर्मी में विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे अधिकारी
- विद्यालयों से गायब मिले 547 शिक्षकों का वेतन कटा
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Teachers News : राज्य में विद्यालयों के निरीक्षण (school inspection) में निकल रहे अफसरों को भीषण गर्मी (scorching heat) परेशान कर रही है। एसी में रहने के आदी हो चुके अफसरों को लू लगने की शिकायतें मिली हैं।
केके पाठक (KK Pathak) के शिक्षा विभाग के एक उपनिदेशक ने बताया कि सुदूर ग्रामीण इलाकों के विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान दोपहर की भीषण गर्मी झेलनी पड़ रही है। इससे कई अफसरों की तबीयत खराब होने की शिकायतें मिली हैं।
वैसे सभी जिलों में हर दिन 60 हजार तक विद्यालयों में निरीक्षण हो रहा है। एक दिन में 547 शिक्षक गैरहाजिर पाये गए हैं जिसके विरुद्ध वेतन कटौती (bihar teacher salary cut) का आदेश दिया गया है।
बच्चों एवं शिक्षकों को भी परेशानी
विभिन्न जिलों से मिली सूचना के अनुसार, विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की खातिर बच्चों को दोपहर बारह बजे तक रुकना पड़ रहा है। इससे बच्चों को भीषण गर्मी से घर लौटने में परेशानी हो रही है।
यही हाल शिक्षकों का भी है, क्योंकि शिक्षा विभाग की हिदायत है कि बच्चों को मध्याह्न भोजन कराने के बाद ही शिक्षक विद्यालय छोड़ेंगे। शिक्षक अभिषेक कुमार ने बताया कि विद्यालय छोड़ने के समय भीषण गर्मी रहती है। ऐसे में कई बार महिला शिक्षकों या बीमार शिक्षकों को ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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विशेष कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति 26 लाख 97 हजार पार
Bihar Education News : अच्छी बात यह है कि 71 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में संचालित हो रही विशेष कक्षाओं में बच्चों की संख्या 26 लाख 97 हजार पार कर चुकी है। यह शिक्षा विभाग की निगरानी रिपोर्ट में सामने आई है। बता दें कि सरकारी विद्यालयों में 15 अप्रैल से ग्रीष्मावकाश चल रहा है।
यह ग्रीष्मावकाश 15 मई तक है। इस बीच मिशन दक्ष कार्यक्रम के तहत सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की विशेष कक्षाओं संचालित हो रही हैं। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष कक्षाओं में 56.47 प्रतिशत बच्चों ने उपस्थिति दर्ज कराई है।