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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    KK Pathak: इधर सदन में हुआ भारी हंगामा, उधर नीतीश कुमार का साथ छोड़ दिल्ली चले केके पाठक

    Updated: Fri, 01 Mar 2024 06:00 AM (IST)

    स्कूल की टाइमिंग और अपर मुख्य सचिव केके पाठक के काम करने के तरीके को लेकर विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। सदन में हुए इस हंगामे के ...और पढ़ें

    नीतीश कुमार का साथ छोड़ दिल्ली चले केके पाठक।
    नीतीश कुमार का साथ छोड़ दिल्ली चले केके पाठक।

    राज्य ब्यूरो, पटना। स्कूलों की टाइमिंग को लेकर विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी की और फिर नारेबाजी करते हुए सदन का वॉकआउट कर गए।

    स्कूल की टाइमिंग और केके पाठक के काम करने के तरीके पर सदन में हुए हंगामे के बाद देर शाम केके पाठक के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति खबर आ गई।

    जानकारी के मुताबिक, केके पाठक ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के संबंध में राज्य सरकार को अनुरोध पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी। राज्य सरकार ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।

    बता दें कि के के पाठक अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हैं, इसलिए वह केंद्र में सचिव स्तर पर नियुक्त हो सकते हैं।

    आधिकारिक तौर पर मिली जानकारी अनुसार, केंद्र में उनके पदस्थापन की सूचना के तुरंत बाद सामान्य प्रशासन विभाग उन्हें विरमित किए जाने की अधिसूचना जारी करेगा।

    हंगामे के बाद वॉकआउट कर गया विपक्ष

    विपक्ष ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर सदन में प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए सदन का वॉकआउट कर गए।

    इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह कहा कि यदि स्कूलों के नयी समय सारिणी पर कार्रवाई नहीं हुई है तो इसकी समीक्षा कर तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा।

    भाकपा (माले) ने इस विषय को प्रश्नकाल के दौरान उठाया। उन्होंने कहा कि निर्देश यह था कि शिक्षक सुबह 9.15 बजे विद्यालय आएंगे और 4.15 बजे वापस लौटेंगे। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है ।

    अध्यक्ष के आसन के समक्ष हंगामा कर रहे विपक्ष के एक नारे पर विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने काफी सख्त अंदाज में कहा कि आप असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। सदन नियम-कानून से चलेगा। किसी की मर्जी से यह नहीं चल सकता है।

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