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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lalu Yadav और Nitish Kumar के बीच खटास या सबकुछ नॉर्मल? 'दही के टीके' को लेकर शुरू हुई सियासी अटकलें

    Updated: Tue, 16 Jan 2024 09:17 PM (IST)

    मकर संक्रांति पर नीतीश कुमार लालू यादव के घर दही-चूड़ा खाने पहुंचे थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सिर्फ 7 मिनट की मुलाकात हुई। दोनों के हावभाव को दे ...और पढ़ें

    Lalu Yadav और Nitish Kumar के बीच खटास या सबकुछ नॉर्मल? 'दही के टीके' को लेकर शुरू हुई सियासी अटकलें
    Lalu Yadav और Nitish Kumar के बीच खटास या सबकुछ नॉर्मल? 'दही के टीके' को लेकर शुरू हुई सियासी अटकलें

    HighLights

    1. लालू और नीतीश कुमार के बीच खटास की खबरें चल रही हैं।
    2. भाजपा सांसद ने दावा किया है कि लालू यादव ने नीतीश कुमार से दूरी बना ली है।
    3. सांसद का दावा है कि जदयू और राजद के बीच भी दरार आ चुकी है।

    राज्य ब्यूरो, पटना। Lalu Yadav And Nitish Kumar राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार 78 विधायकों की पार्टी राजद की कृपा पर मुख्यमंत्री हैं और लालू प्रसाद जब चाहें उन्हें हटा कर अपने बेटे को मुख्यमंत्री बना सकते हैं। दोनों के बीच डील भी यही हुई थी।

    उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार इस बार मकर संक्रांति पर लालू-राबड़ी आवास गए, लेकिन वहां केवल सात मिनट रुके। लालू प्रसाद ने उनसे दूरी बनाई और दही का टीका भी नहीं लगाया। दोनों दलों के बीच सब-कुछ ठीक नहीं है। डील की कील चुभने लगी है।

    'ऐसे में कार्यकर्ताओं का मनोबल न टूटे'

    सुशील मोदी ने कहा कि ऐसे में कार्यकर्ताओं का मनोबल न टूटे, इसलिए जदयू के मंत्री नीतीश कुमार को बिहार का भविष्य बता रहे हैं, जबकि स्वयं मुख्यमंत्री बिहार का भविष्य (उत्तराधिकारी) तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को बता चुके हैं।

    'भाजपा की कृपा से मुख्यमंत्री बने थे'

    उन्होंने कहा कि 2020 में नीतीश कुमार 75 विधायकों वाली भाजपा की कृपा से मुख्यमंत्री बने थे, जबकि उनकी पार्टी के पास सिर्फ 44 विधायक थे। वे पहली बार 2001 में भी 67 विधायकों वाली भाजपा की कृपा से मुख्यमंत्री बने थे। उस समय उनकी पार्टी के 37 विधायक थे।

    खबरें और भी

    गौरतलब है कि सात वर्षों के अंतराल के बाद सोमवार को एक बार फिर लालू प्रसाद-राबड़ी देवी के आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन हुआ। इस महाभोज में स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंत्रिमंडल के दूसरे सहयोगी, कांग्रेस, जदयू और वामदलों के नेताओं के साथ ही राजद के बड़े नेता शामिल हुए और उन्होंने लालू प्रसाद और उनके परिवार के साथ दही-चूड़ा का स्वाद चखा।

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