यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: लालू-राहुल ने खूब बोला, मगर किया BJP ने; ये मुद्दा कहीं महागठबंधन का 'गेम' ना पलट दे
जाति आधारित गणना को लेकर राहुल गांधी और लालू यादव ने बड़ी-बड़ी बातें की मगर जमीन पर भाजपा ने काम किया। भाजपा ने जहां अपने हिस्से की दोनों सीट पर अति प ...और पढ़ें

HighLights
- जाति आधारित गणना की कसौटी पर प्रतिनिधित्व देने में खरी उतर रही भाजपा
- पार्टी ने बिहार में सर्वाधिक आबादी वाली अति पिछड़ा समाज के दो नेताओं को राज्यसभा भेजकर प्रमाणित की प्रतिबद्धता
- अवसर मिलने पर कांग्रेस व राजद ने किया किनारा
रमण शुक्ला, पटना। बिहार में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद सर्वाधिक जनसंख्या वाली अति पिछड़ी जातियों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की कसौटी पर एकमात्र भाजपा खरी कही जा सकती है। महत्वपूर्ण यह कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर राजद प्रमुख लालू यादव राष्ट्रीय स्तर पर जाति आधारित गणना कराने की घोषणा हर मंच से करते हैं, लेकिन प्रतिनिधित्व देने के अवसर पर अति पिछड़ा समाज से कन्नी काट लेते हैं।
इसका ताजा उदाहरण फरवरी में संपन्न राज्यसभा चुनाव है। भाजपा ने जहां अपने हिस्से की दोनों सीट पर अति पिछड़ा समाज के व्यक्ति को राज्यसभा भेजा, वहीं राजद, कांग्रेस एवं जदयू ने अगड़ों को उच्च सदन भेज कर मौका मिलने अति पिछड़ा एवं अनुसूचित समाज को प्रतिनिधित्व देने से किनारा कर लिया।
अब अगर जाति आधारित गणना रिपोर्ट पर गौर करें तो बिहार में सर्वाधिक 36 प्रतिशत आबादी अति पिछड़ी जातियों की है। ऐसे में भाजपा ने अपने हिस्से की दोनों सीट पर डा. भीम सिंह (चंद्रवंशी) एवं डा. धर्मशीला गुप्ता (तेली) को राज्यसभा भेजकर अति पिछड़ी जातियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करने का भरसक प्रयास किया है।
साथ ही एक मुश्त वोट बैंक के बीच बड़ा संदेश देने का भी भरसक प्रयास किया है। अहम यह है कि बिहार भाजपा के 44 वर्ष के इतिहास में राज्यसभा जाने वाली पहली महिला भी धर्मशीला बन गईं हैं। भाजपा के अंदर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महिलाओं को लोकसभा एवं विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल नारी शक्ति वंदन कानून से भी जोड़कर देखा जा रह है।
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दल एवं समुदाय वार राज्यसभा जाने वाले की सूची
- भाजपा : दो (अति पिछड़ा)
- राजद : दो (एक ब्राह्मण, एक पिछड़ा)
- जदयू : एक (ब्राह्मण)
- कांग्रेस : एक (भूमिहार)
जाति आबादी
- पिछड़ा वर्ग- 27 प्रतिशत
- अति पिछड़ा- 36 प्रतिशत
- अनुसूचित जाति- 19 प्रतिशत
- अनुसूचित जन जाति- 01 प्रतिशत
- सामान्य वर्ग- 15 प्रतिशत
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