यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lalu Yadav: क्या नीतीश कुमार नाराज हैं? लालू यादव ने दिया क्लियर कट जवाब, सीट शेयरिंग पर कह दी बड़ी बात
Bihar Politics अयोध्या राम मंदिर और सीट शेयरिंग को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है। इस मामले पर राजद सुप्रीमो लालू यादव का भी जवाब सामन ...और पढ़ें

HighLights
- अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने को लेकर लालू यादव ने क्लियक कट जवाब दे दिया है।
- लालू यादव ने इंडी गठबंधन ने सीट शेयरिंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।
एएनआई, पटना। Bihar Political News in Hindi: अयोध्या के राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की नाराजगी की अटकलों पर लालू प्रसाद यादव ने आज चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए अयोध्या नहीं जाएंगे।
लालू यादव (Lalu Yadav) ने दो टूक में स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने नहीं जा रहा हूं।
सीट शेयरिंग पर भी आया लालू का जवाब
इस दौरान उन्होंने सीट शेयरिंग को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीट शेयरिंग इतनी जल्दी नहीं होती है। अभी बातचीत चल रही है। सबकुछ जल्द फाइनल हो जाएगा।
नीतीश कुमार की नाराजगी की अटकलों पर भी दिया जवाब
नीतीश कुमार से रिश्ते को लेकर भी लालू प्रसाद यादव ने जवाब दिया है। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ सबकुछ सही चल रहा है। हालांकि, उनके चेहरे पर थोड़ी नाराजगी भी दिख रही थी। ऐसा लग रहा था कि वह मीडिया के सवालों से खुश नजर नहीं आ रहे थे।
भाई वीरेंद्र के बयान के बाद बढ़ सकती है जेडीयू और आरजेडी के बीच तल्खी
बता दें कि आरजेडी के वरिष्ठ नेता, भाई वीरेंद्र ने कहा था कि राजद प्रमुख लालू यादव के आशीर्वाद से ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने हैं। भाई वीरेंद्र ने सोमवार को यह बयान राबड़ी आवास पर दिया था। इसके बाद से ही बिहार की सियासत तेज हो गई।
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भाई वीरेंद्र के बयान पर अशोक चौधरी का आया बयान
वहीं भाई वीरेंद्र के बयान पर जेडीयू के दिग्गज नेता अशोक चौधरी ने कहा कि भाई वीरेंद्र के बयान हमारे गले से नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा कि यह बात पूरी तरह निराधार है। चौधरी ने आगे कहा कि हर गठबंधन अपनी पार्टी, अपनी सुविधा और विचारधारा को ध्यान में रखकर किया जाता है।