यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मटन-मछली से लेकर मंगलसूत्र तक... Lalu Yadav रहे 'बैकस्टेज', Tejashwi Yadav ने किया 'खेला'
लालू प्रसाद के स्वास्थ्य की डांवाडोल स्थिति और उनकी जेल की सजा के बीच राष्ट्रीय जनता के भविष्य और उत्तराधिकारी को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा आम ब ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। Tejashwi Yadav बिहार की राजनीति में इस लोकसभा चुनाव में तेजस्वी ने प्रचार के दौरान जहां मुद्दों की राजनीति कर अपनी अलग ही पहचान बनाई वहीं उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि वे लालू प्रसाद की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से परिपक्व और तैयार हो चुके हैं।
चुनाव के दौरान सत्ता पक्ष के बड़े-बड़े धुरंधर मैदान में उतर कर विरोधियों पर हमले बोल रहे थे, वैसे समय में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अंगद की तरह सियासत के इस मैदान पर डटकर खड़े रहे और उन्हें उन्हीं की शैली में घेरते दिखे।
लालू प्रसाद के स्वास्थ्य की डांवाडोल स्थिति और उनकी जेल की सजा के बीच राष्ट्रीय जनता के भविष्य और उत्तराधिकारी को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा आम बात थी, लेकिन पहले 2020 के विधानसभा चुनाव और इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में तेजस्वी ने बातें बनाने वाले लोगों की जुबानी बंद कर दी।
नेपथ्य में रहे लालू यादव, तेजस्वी ने अकेले संभाला मोर्चा
पूरे चुनाव के दौरान लालू प्रसाद नेपथ्य में रहे, जबकि तेजस्वी यादव ने अकेले अपने हेलीकॉप्टर पर सवार होकर 250 से अधिक चुनावी सभाएं कर बिहार की राजनीति में एक बड़ी लकीर खींच डाली।
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इन मुद्दों पर तेजस्वी ने दिया मुंहतोड़ जवाब
पूरे चुनाव के दौरान वे रोजगार, नौकरी, महंगाई, बिहार के लिए विशेष पैकेज की मांग उठाकर विरोधियों पर हमलावर रहे तो विरोधियों के मंगलसूत्र, मंदिर-मजिस्द, मछली, मटन, आरक्षण पर भी उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दिया।
तेजस्वी ने कम समय में अपनी नेतृत्व क्षमता और शैली से बिहार के लोगों को अपना मुरीद बनाने में सफलता प्राप्त की है। बिहार की राजनीति में 2024 का लोकसभा चुनाव लोगों को तेजस्वी की चुनावी सभाओं, उनकी प्रचार की शैली और उनके खटाखट, फटाफट और सफाचट वाले अंदाज के लिए हमेशा याद रहेगा।