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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अब बिहार के म्यूजियम में मिलेगी विरासत की पूरी जानकारी, घूमने के साथ लाइब्रेरी में बैठ ले सकेंगे पढ़ने का मजा

    By prabhat ranjanEdited By: Roma Ragini
    Updated: Sat, 29 Jul 2023 04:22 PM (IST)

    कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार के संग्रहालयों में पुस्तकालय बनाने की योजना पर काम कर रहा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस कार्य को पूरा करने को ...और पढ़ें

    अब बिहार के म्यूजिम में खुलेगी लाइब्रेरी
    अब बिहार के म्यूजिम में खुलेगी लाइब्रेरी

    HighLights

    1. पुरातत्व व शिल्प कलाओं से जुड़ी पुस्तकों को अध्ययन करने का मिलेगा मौका
    2. एक साथ 50 से अधिक लोग बैठकर पढ़ सकेंगे
    3. पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर समेत प्रदेश में 26 संग्रहालय

    जागरण संवाददाता, पटना। प्रदेश के संग्रहालयों में लोग घूमने के साथ आने वाले दिनों पुस्तकों का अध्ययन करेंगे। कला संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से प्रदेश के संग्रहालयों में पुस्तकालय बनाने की योजना है। वहीं, अन्य संग्रहालयों में बने पुस्तकालयों को भी समृद्ध किया जाएगा।

    विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य को पूरा करने को लेकर अभी वक्त लगेगा। पुस्तकालयों में प्रदेश की विरासत, शोध, संस्कृति, सभ्यता, आधुनिक व समकालीन कला के साथ पुरातत्व व शिल्प कलाओं से जुड़ी पुस्तकों को अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।

    वहीं, संग्रहालय में घूमने के साथ लोग पुस्तकों के जरिए अपनी लोक संस्कृति को जान पाएंगे। पुस्तकालयों में एक साथ 50 से अधिक लोग बैठकर पुस्तकों का अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए व्यवस्था की जाएगी।

    प्रत्येक पुस्तकालयों में दो सौ से अधिक पुस्तकें उपलब्ध रहेगी। वहीं एक पुस्तकालय से दूसरे पुस्तकालयों में पुस्तकों का आदान प्रदान भी होगा। अधिकारी की मानें तो पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर समेत प्रदेश में 26 संग्रहालय है।

    बिहार संग्रहालय में लोगों के लिए स्टडी रूम

    बिहार संग्रहालय में लोगों के लिए स्टडी रूम की शुरूआत 2020 में हुई थी। यहां पर संग्रहालय घूमने आने वाले लोगों के लिए स्टडी रूम बनाया गया है, जहां पर प्रदेश की कला संस्कृति, इतिहास से जुड़ी कई पुस्तकें पाठकों के लिए मौजूद हैं।

    साल भर के लिए बनता है मेंबरशिप कार्ड

    यहां पर दो हजार से अधिक पुस्तकें हैं। यहां पर पढ़ने वाले लोगों के लिए संग्रहालय की ओर से मेंबरशिप कार्ड बनाया जाता है । मेंबरशिप कार्ड बनवाने के लिए दो सौ से पांच सौ रुपये लगते हैं। कार्ड बनने के बाद एक वर्ष तक लाइब्रेरी में बैठ कर पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं।

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    जल्द मिलेगा ई-लाइब्रेरी का लाभ

    संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि संग्रहालय का उद्देश्य प्रदेश में कला संस्कृति व साहित्य को बढ़ावा देना है। आने वाले दिनों में पुस्तकों की संख्या बढ़ाने के साथ पाठकों को ई-लाइब्रेरी का लाभ मिलेगा। पुस्तकों को डिजिटाइज कर वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

    लाइब्रेरी से खरीद सकते हैं किताब

    वहीं स्टडी रूम में हाई स्पीड इंटरनेट व फोटो स्टेट की व्यवस्था होगी। इच्छुक विद्यार्थी यहां आकर मेंबरशीप कार्ड बनवा सकते हैं। लाइब्रेरी से प्रकाशित पुस्तकों की खरीदारी भी कर सकते हैं। लाइब्रेरी के सहायक पुस्तकालयध्यक्ष पशुपति ने बताया कि यहां पर 70 लोगों ने मेंबरशिप कार्ड बनवा कर पुस्तकों का अध्ययन करने में लगे हैं।