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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बड़ी खबर: आज से नहीं मिलेगा दवा दुकानों का लाइसेंस

By Ravi RanjanEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 10:12 PM (IST)

बिहार में एक अप्रैल से दवा बिक्री के लिए दुकानदारों को लाइसेंस नहीं मिल पायेगा। सरकार ने ऑफलाइन लाइसेंस पर रोक लगा दी है और ऑनलाइन के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

बड़ी खबर: आज से नहीं मिलेगा दवा दुकानों का लाइसेंस
बड़ी खबर: आज से नहीं मिलेगा दवा दुकानों का लाइसेंस

पटना [जेएनएन]। स्वास्थ्य विभाग के नए निर्देश के अनुसार एक अप्रैल से दवा बिक्री के लिए लाइसेंस ऑफलाइन नहीं मिलेगा। सरकार के निर्देशानुसार अब सिर्फ ऑनलाइन आवेदन पर ही लाइसेंस दिया जाएगा। बड़ी बात यह है कि अभी तक ऑनलाइन लाइसेंस देने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। परिणामस्वरूप एक अप्रैल से लोगों को दवा दुकान के लिए लाइसेंस नहीं मिलेगा।

दुकानदारों ने दी आंदोलन की चेतावनी
दवा दुकानों के लाइसेंस रोकने के विरोध में दुकानदारों ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन कुमार सिंह और अमरेंद्र कुमार का कहना है कि सरकार जन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि आबादी के अनुसार दवा दुकानों की संख्या बढ़ाने की जरुरत है। वहीं, दूसरी ओर सरकार लाइसेंस पर रोक लगा रही है। इससे सूबे में स्थिति और बिगड़ेगी। उन्होंने कहा कि जब तक ऑनलाइन लाइसेंस की व्यवस्था नहीं होती है, तब तक ऑफलाइन लाइसेंस देने की व्यवस्था को जारी रखना चाहिए था।

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पटना जिला केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव संतोष कुमार ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो वह छह अप्रैल से काला बिल्ला लगाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 अप्रैल को राज्य की सभी दवा दुकानें बंद रखी जाएंगी।

बंद हो जाएंगी अधिकांश दुकानें
दवा दुकानदारों का कहना है कि सरकार ने प्रत्येक दवा दुकान के लिए एक फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। सरकार के इस आदेश से सूबे के अधिकांश दवा दुकानों पर बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। दवा दुकानदारों ने इसे काला कानून करार दिया है। अधिकांश दवा दुकानों पर बंदी की तलवार लटक रही है।

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