यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election 2024 : इन सीटों पर INDI गठबंधन में रार मचना तय! भाजपा के लिए भी आसान नहीं होगा सियासी गणित बैठाना
Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है। हर एक दल अपने गठबंधन से अधिक से अधिक सीट पाने के लिए जोर आजमाइश ...और पढ़ें

HighLights
- लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज।
- दर्जनभर सीटों पर I.N.D.I.A और NDA को सियासी गणित बैठाने में होगी मुश्किल।
राज्य ब्यूरो, पटना। Lok Sabha Election 2024 । बिहार में लोकसभा की दर्जन भर ऐसी सीटें हैं, जिनपर वर्तमान सांसद के अलावा उनके घटक दलों के दूसरे-तीसरे उम्मीदवार भी तैयारी में जुटे हैं। यह स्थिति महागठबंधन की है और राजग की भी। जहानाबाद, बक्सर, नवादा, कटिहार, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, बांका, सिवान, बेगूसराय, काराकाट जैसी सीटों को इस श्रेणी में रख सकते हैं।
जहानाबाद जदयू की सीट है। पिछला चुनाव हारने के बाद राजद के सुरेंद्र प्रसाद यादव ने अपनी तैयारी बंद नहीं की है। यहां राजग के तीन घटक-भाजपा, लोजपा रा और रालोजद के नाम पर भी उम्मीदवार भ्रमण कर रहे हैं।बक्सर भाजपा के कब्जे में है। राजद और भाकपा की तैयारी चल रही है।
नवादा सीट का सियासी गणित
नवादा में राजग के घटक दलों-लोजपा रा, रालोजपा और राजद के उम्मीदवार जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं। यह रालोजपा की जीती हुई सीट है।जदयू की कटिहार सीट पर कांग्रेस और भाकपा माले ने दावा पेश किया है। मधुबनी पर राजद, भाकपा और कांग्रेस समान रूप से दावा कर रहे हैं। यहां 2019 में भाजपा जीती थी।
किसके सिर सजेगा सीतामढ़ी का ताज ?
सीतामढ़ी जदयू की सीट है। जदयू के अलावा राजद का भी दावा है। उधर राजग में भाजपा के साथ रालोजद की सक्रियता बढ़ी हुई है। सुपौल में जदयू के भीतर ही संघर्ष है। बुजुर्ग होने के कारण वर्तमान जदयू सांसद दिलेश्वर कामैत के अवकाश लेने के आसार हैं। वे अति पिछड़ी जाति के हैं। मांग हो रही है कि इस बार किसी यादव उम्मीदवार को अवसर दिया जाए।
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महागठबंधन किसे देगा बांका सीट?
बांका में जदयू के सांसद रहने के बावजूद राजद के पूर्व सांसद जयप्रकाश नारायण यादव उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। भाकपा माले के लिए सिवान महत्वपूर्ण है। मुश्किल यह है कि यह सीट जदयू की है। भाकपा माले ने दावे की सीटों में सिवान को भी जोड़ दिया है।
बेगूसराय भी नहीं होगा आसान
बेगूसराय वाम दलों की परम्परागत कही जाने वाली सीटों में शामिल है। भाजपा की इस सीट से भाकपा के अलावा राजद को भी मोह है। जदयू की काराकाट सीट भी सहयोगी दलों की नजर से ओझल नहीं है। भाकपा माले की नजर इस पर भी है। 2019 के चुनाव में भाकपा माले के उम्मीदवार राजाराम सिंह तीसरे नम्बर पर रहे थे।