Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chirag Paswan: चिराग या प्रिंस राज, कौन संसद में सबसे ज्यादा रहा एक्टिव? LJP सांसदों ने पूछे इतने सवाल

    Updated: Thu, 28 Mar 2024 11:43 AM (IST)

    Bihar Politics लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। इस बीच कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। चिराग पासवान या प्रिंस राज में से संसद में कौन स ...और पढ़ें

    चिराग पासवान या प्रिंस राज सदन में कौन रहा सबसे ज्यादा एक्टिव
    चिराग पासवान या प्रिंस राज सदन में कौन रहा सबसे ज्यादा एक्टिव

    HighLights

    1. बिहार के सांसदों की औसत उपस्थति तो ठीक-ठाक रही, लेकिन प्रश्न पूछने में कई पड़े ढीले
    2. रमा देवी के साथ महाबली उपस्थिति के साथ बहस में भी रहे आगे, इस बार मैदान से बाहर

    विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना। Bihar Political News In Hindi सिने जगत को अपनी अदाओं से खामोश करने वाले बिहारी बाबू लोकसभा पहुंचकर ऐसे खामोश हुए कि कभी पटना साहिब की जनता सिर धुनने लगी थी। जगह-जगह उनकी गुमशुदगी के पोस्टर तक चस्पा हुए थे। अंतत: जीत के लिए उन्हें बंगाल का रुख करना पड़ा।

    भाजपा (BJP) से तृणमूल कांग्रेस में जाकर भी उनकी खामोशी नहीं टूटी। बाद में बिहार के दूसरे सांसद भी जैसे उनके इस अंदाज के कायल हो गए हों। तभी तो वे लोकसभा में मुखर होने से संकोच कर गए। कविता सिंह, छेदी पासवान और प्रिंस राज को तो जैसे अपने हश्र का पूर्वानुमान हो, संभवत: इसीलिए मुखरता कम रही।

    हालांकि, उपस्थिति के साथ सदन में अधिक मुखर रहने वाली रमा देवी भी अपना टिकट नहीं बचा पाई हैं। वे शिवहर से लगातार तीन बार सांसद चुनी गईं और हर बार सर्वाधिक सक्रिय रहने वाले प्रतिनिधियों में रहीं।

    सामूहिक रूप से 17वीं लोकसभा में बिहार के सांसदों की उपस्थिति का रिकॉर्ड औसत रूप से ठीक कहा जा सकता है, लेकिन कुछ सांसदों को छोड़कर प्रश्न पूछने में बाकी संकोच कर गए। मुखरता में 315 प्रश्नों के साथ महाराष्ट्र और उपस्थिति में 216 बैठकों के साथ छत्तीसगढ़ के सांसद राज्यों में पहले स्थान पर रहे।

    लोकसभा की कुल 273 बैठकें हुईं, जिनमें बिहार की औसत उपस्थिति 197 बैठकों की रही है। औसत रूप से बिहार के सांसदों के खाते में 119 प्रश्न दर्ज हैं। इनमें उन दस सांसद का रिकॉर्ड भी समाहित है, जो दहाई की संख्या से आगे प्रश्न पूछने से संकोच कर गए।

    खबरें और भी

    एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स के इस आकलन से केंद्रीय मंत्रियों का रिकॉर्ड समाहित नहीं है। पटना साहिब और पूर्वी चंपारण के सांसद क्रमश: रविशंकर प्रसाद और राधामोहन सिंह ने तो एक प्रश्न भी नहीं पूछा।

    प्रिंस प्रश्न में और चिराग उपस्थिति में ढीले

    रमा देवी के साथ सदन में अधिक मुखर रहने वाले महाबली सिंह भी काराकाट के मैदान से बाहर हो गए हैं। 92.7 प्रतिशत उपस्थिति और 164 प्रश्नों के साथ अजय निषाद का प्रदर्शन भी ठीकठाक रहा है, लेकिन इस बार मुजफ्फरपुर के मैदान से उन्हें भी बेदखल होना पड़ा है।

    प्रश्न पूछने में ढिलाई करने वाले प्रिंस (Prince Raj) के भविष्य को लेकर अभी चिराग (Chirag Paswan) की ओर से कोई संकेत नहीं मिला है। चिराग भी सदन में सबसे कम उपस्थिति वाले पांच सांसदों में हैं। संभवत: बाहर की बैठकों से फुर्सत नहीं मिली हो।

    राजग में कमतर प्रदर्शन लोजपा का

    राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति के साथ प्रश्न पूछने में भाजपा की तुलना में जदयू के सांसद अधिक सक्रिय रहे। जदयू और भाजपा की उपस्थिति क्रमश: 218 और 191 बैठकों की रही है। प्रश्नों के संदर्भ में यह आंकड़ा क्रमश: 156 और 149 है।

    राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के इन दोनों घटक दलों की तुलना में 34 प्रश्नों के साथ लोजपा का प्रदर्शन और कमतर रहा है। 206 बैठकों की उपस्थिति और 196 प्रश्नों के साथ कांग्रेस की सक्रियता भी शानदार कही जा सकती है।

    बिना प्रश्न पूछे गुजर गए रामचंद्र

    पिछली बार मात्र दो प्रश्न पूछकर तसलीमुद्दीन दुनिया से रुखसत हो गए थे। देहांत से पहले इस बार रामचंद्र पासवान ने सदन में एक प्रश्न तक नहीं पूछा। वे समस्तीपुर में लोजपा के टिकट पर चुने गए थे। बाद में पुत्र प्रिंस राज वहां से निर्वाचित हुए। रामचंद्र की उपस्थिति सात प्रतिशत थी और प्रिंस की 75.5 प्रतिशत है।

    वाल्मीकिनगर से जदयू (JDU) के सांसद बैद्यनाथ प्रसाद की भी अकाल मृत्यु हुई थी। तब तक वे 52 बैठकों में सहभागी हो चुके थे और 10 प्रश्न भी पूछे। उप चुनाव में उनकी सीट से विजयी रहे पुत्र सुनील कुमार के खाते में 43 प्रश्न दर्ज हैं। 

    उपस्थिति में आगे

    रमा देवी (98.5%)

    दिलेश्वर कामत (98.5%)

    महाबली सिंह (97.8%)

    राजीव प्रताप रूडी (97.4%)

    अशोक कुमार सुमन (97.1%)

    उपस्थिति में पीछे

    अजय कुमार मंडल (34.1%)

    रविशंकर प्रसाद (43.6%)

    चिराग पासवान (55.3%)

    सुनील कुमार (61.2%)

    गिरिधारी यादव (62.6%)

    प्रश्न में आगे

    महाबली सिंह (335)

    जर्नादन सिंह सिग्रीवाल (293)

    कौशलेंद्र कुमार (270)

    रमा देवी (267)

    प्रदीप सिंह (265)

    प्रश्न में पीछे

    राधामोहन सिंह और रविशंकर प्रसाद (00)

    महबूब अली कैसर (08)

    कविता सिंह (10)

    प्रिंस राज (14)

    अशोक यादव (24)