राज्य ब्यूरो, पटना। पहली नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोग लंबी कतार देख कर घबरा जाते हैं। उन्हें यह जानकर संतोष होगा कि लंबी कतार उनकी भी है, जो सम्मानजनक नौकरी के बाद अवकाश ग्रहण करते हैं।
सरकारें विशेष ज्ञान और अनुभव का लाभ लेने के लिए फिर उन्हें नियोजित करती हैं। बिहार लोकायुक्त संस्थान के अध्यक्ष एवं दो सदस्यों की नियुक्ति होने वाली है।
बिहार में नियुक्ति के लिए बनी सूची
कुल तीन पदों पर होने वाली नियुक्ति के लिए छानबीन समिति ने जो सूची बनाई है, उसमें कुल 58 नाम हैं। यानी एक पद के लिए 19 से अधिक नाम हैं।
अध्यक्ष के अलावा दो सदस्यों में से एक न्यायिक सेवा और दूसरे गैर-न्यायिक सेवा के होते हैं। इन पदों को भरने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सितंबर के तीसरे सप्ताह में प्रदेश और देश के कई समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किया था।
वेबसाइट पर आवेदन आमंत्रित किए
विभाग की वेबसाइट पर भी आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सुविधा यह है कि अगर कोई व्यक्ति स्वयं आवेदन न करे तो कोई दूसरा व्यक्ति भी उनके नाम की अनुशंसा कर सकता है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने आवेदकों एवं अनुशंसित नामों की सूची अपनी वेबसाइट पर जारी की है। आम लोगों से आग्रह किया गया है कि वे इस सूची पर अपना सुझाव दें।
इनके सुझाव 31 अक्तूबर तक लिए जाएंगे। अध्यक्ष और न्यायिक सदस्य के दो पदों के लिए 18-18 नाम हैं। गैर-न्यायिक सदस्य के एक पद के लिए 22 नाम हैं।
अध्यक्ष और न्यायिक सदस्य के लिए अधिसंख्य नाम हाई कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीशों अथवा बिहार न्यायिक सेवा के अवकाश प्राप्त जजों के हैं।
यह भी पढ़ें : Human Trafficking: बिहार में महिलाओं से अधिक पुरुष मानव तस्करी के शिकार, अगस्त तक इतने कराए गए मुक्त
एक गैर न्यायिक सदस्य के लिए 22 अनुशंसित नाम में राज्य के पूर्व डीजीपी पीके ठाकुर भी शामिल हैं। सूची के अनुसार डीजीपी पद से हटने के बाद ठाकुर इस साल 17 फरवरी तक राज्य सूचना आयुक्त के पद पर भी थे।
इस श्रेणी के सदस्य पद के लिए पूर्व आइएएस शिशिर सिन्हा का भी नाम है। ये बिहार लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
यह भी पढ़ें : Bihar Police: निजी सुरक्षा के लिए पुलिस बल की सेवा लेना हुआ महंगा, अब हर रोज करने होंगे इतने खर्च