Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Magh Month 2026: 3 या 4 जनवरी... कब से शुरू हो रहा माघ का पवित्र महीना? इस माह आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्यौहार

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:08 PM (IST)

    Magh Month 2026: माघ महीने की शुरुआत होने वाली है। माघ मास को साधना और मोक्ष प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस माह में देवता पृथ्वी पर आकर प्रया ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. मकर संक्रांति 14 जनवरी, मौनी अमावस्या 18 जनवरी को।

    2. 23 जनवरी को बसंत पंचमी।

    जागरण संवाददाता, पटना। Magh Month 2026 Date:  सनातन धर्म में हर माह का अपना आध्यात्मिक महत्व है। माघ मास को साधना, तप और मोक्ष प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवता पृथ्वी लोक पर आते हैं और प्रयागराज के संगम तट पर दिव्य स्नान करते हैं। यही कारण है इस माह को स्नान, दान, तप, जप और कल्पवास के लिए पुण्यदायी माना जाता है।

    पंचांग के अनुसार माघ मास 4 जनवरी से आरंभ होकर  फरवरी तक रहेगा। माघ मास में कई प्रमुख त्योहार हैं। माह में मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, अचला सप्तमी जैसे पर्व शामिल हैं।

    14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व 

    माघ कृष्ण एकादशी 14 जनवरी बुधवार को अनुराधा व सर्वार्थ सिद्धि अमृत योग के पुण्यकारी संयोग में मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा। सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ खरमास का भी समापन हो जाएगा। इसके साथ ही मांगलिक कार्य आरंभ होगा।

    मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने के साथ तिल, गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने के साथ मनुष्य की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है।

    ज्योतिष आचार्य पीके युग ने बताया कि कैलेंडर में 14 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान का पर्व दर्शाया गया है लेकिन उसका पुण्यकाल 15 जनवरी को भी पड़ेगा। 14 जनवरी की रात 9.39 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करके दक्षिणायण से उत्तरायण होंगे।

    18 जनवरी को मौनी अमावस्या

    माघ कृष्ण अमावस्या के दिन मौनी अमावस्या का पर्व 18 जनवरी रविवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, हर्षण योग व सर्वार्थ सिद्धि योग एवं जयद् योग में मनेगी।

    सनातन धर्मावलंबी इस दिन मौन अवस्था में गंगा, संगम आदि में स्नान कर अपने आराध्य की पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य करेंगे। इस दिन दान-धर्म करने से सौ गुना पुण्य मिलता है। इस दिन तिल तेल, तिल लड्डू, आंवला, कंबल, उड़द, चावल, फल, वस्त्र, दर्पण व पादुका दान करने से ग्रहजनित दोष से छुटकारा मिलता है।

    23 जनवरी को बसंत पंचमी

    माघ शुक्ल पंचमी में 23 जनवरी शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन होगा। इस दिन परिघ योग, रवियोग के मंगलकारी योग में श्रद्धालु विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन करेंगे।

    खबरें और भी

    माघ माह के प्रमुख पर्व-त्योहार

    • 14 जनवरी: मकर संक्रांति
    • 16 जनवरी: माघ प्रदोष व्रत
    • 17 जनवरी: नरक निवारण चतुर्दशी
    • 18 जनवरी: मौनी अमावस्या
    • 19 जनवरी: शिशिर/गुप्त नवरात्र आरंभ
    • 23 जनवरी: सरस्वती पूजा
    • 25 जनवरी: अचला सप्तमी
    • 29 जनवरी: भैमी (भीष्म) एकादशी