यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: पारस के घर दही-चूड़ा का प्रोग्राम, लालू-नीतीश को मिलेगा आमंत्रण; फिर 'खेला' होगा?
खरमास और ठंड के बाद बिहार की राजनीति में फिर से हलचल तेज होने वाली है। मकर संक्रांति के मौके पर होने वाले दही-चूड़ा भोज के साथ ही नीतीश मंत्रिमंडल विस ...और पढ़ें

HighLights
- खरमास और ठंड के कारण ठहरी राजनीति दही-चूड़ा भोज के साथ दौड़ेगी
- पारस के मकर संक्रांति भोज में नीतीश-लालू को भी मिलेगा आमंत्रण
- मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज के साथ बिहार की राजनीति में फिर से हलचल
राज्य ब्यूरो, पटना। खरमास और ठंड के कारण ठहरी राजनीति दही चूड़ा भोज के साथ दौड़ने लगेगी। नीतीश मंत्रिमंडल में विस्तार (Nitish Cabinet Expansion) की चर्चा के साथ एनडीए के विधायकों-विधान परिषद सदस्यों के मन में गुदगुदी हो रही है।
उधर, विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों को लग रहा है कि दही तिलक के साथ उनका विजय अभियान शुरू हो जाएगा। रालोजपा की ओर से 15 जनवरी को आयोजित भोज में चुनाव का एजेंडा भी शामिल किया गया है।
पारस के आवास पर भोज का आयोजन
इसका आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार (Pashupati Kumar Paras) के विधायक कॉलोनी स्थित आवास पर किया गया है।

पार्टी के प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद (Lalu Yadav) के अलावा, सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जा रहा है।

राबड़ी आवास पर भी होगा दही-चूड़ा का प्रोग्राम
राजद की ओर से भी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर दही-चूड़ा का भोज होगा। कहना मुश्किल है कि इसमें एनडीए के घटक दलों के नेता शामिल होंगे या नहीं, क्योंकि राबड़ी आवास पर आयोजित इस भोज का राजनीतिक संदेश भी होता है। अभी इसकी तिथि तय नहीं हुई है।

बशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पर जुटते थे हजारों कार्यकर्ता
एक दौर में जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह की ओर से आयोजित मकर संक्रांति के भोज की खूब चर्चा होती थी। राज्य भर के हजारों कार्यकर्ता जुटते थे। उनके व्यक्तिगत व्यवहार के कारण आगंतुकों की दलीय सीमाएं टूट जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उनके आवास पर बड़े स्तर पर भोज का आयोजन नहीं होता है। हां, कुछ खास लोग जरूर जुटते हैं।
बीजेपी और कांग्रेस में क्या चल रहा?
- प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में 14 जनवरी को भोज आयोजित है। मूल पार्टी ने इसका आयोजन नहीं किया है। पार्टी का लीगल सेल इसका आयोजक है। महागठबंधन के नेता इसमें जुटेंगे।
- भाजपा कार्यालय में हालांकि, मकर संक्रांति के भोज का आधिकारिक आयोजन नहीं किया गया है। पार्टी के कुछ नेता और मंत्री निजी तौर पर भोज देते हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी इनमें शामिल हैं।
लालू परिवार ने कभी भी समाजवाद के सच्चे आदर्शों का पालन नहीं किया : जदयू
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार काे कहा कि खुद को कट्टर समाजवादी बताने वाले लालू परिवार ने कभी भी समाजवाद के सच्चे आदर्शों का पालन नहीं किया। डॉ. लोहिया सिद्धांतविहीन राजनीति के घोर विरोधी थे क्योंकि वैचारिक समाजवाद के बिना राजनीतिक समाजवाद का कहीं कोई औचित्य नहीं है। लालू परिवार का समाजवाद सिर्फ चुनावी भाषणों तक सिमटकर रह गया है।
खबरें और भी

जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए लालू परिवार ने समाजवादी मूल्यों को तार-तार करने का काम किया। राजद की राजनीतिक विरासत संभाल रहे तेजस्वी यादव को यह जरूर बताना चाहिए कि बेजुबान पशुओं का चारा खाने और नौकरी के बदले गरीब-गुरबों का जमीन कब्जा कर लेना कौन से समाजवाद की परिभाषा है।
उन्होंने कहा, डॉ. लोहिया और जननायर कर्पूरी ठाकुर के अनुयायी होने का दावा करने वाले लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक आचरण से समाजवादी विचारधारा को कलंकित कर दिया।
ये भी पढ़ें- क्या Bihar Election पर पड़ेगा Delhi की फूट का असर, टूट जाएगी RJD-कांग्रेस की 25 साल पुरानी दोस्ती?
ये भी पढ़ें- Bihar Politics: चिराग के जीजा को केंद्र सरकार में मिली अहम जिम्मेदारी, जमुई से चुने गए थे सांसद