Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: बिहार में काम करने वाले श्रमिकों के लिए खुशखबरी, 1 अप्रैल से बढ़ जाएगी मजदूरी

    Updated: Fri, 28 Mar 2025 08:19 PM (GMT+05:30)

    नीतीश सरकार ने विधासभा चुनाव के पहले बिहार के श्रमिकों को खुशखबरी दी है। राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत सभी अनुसूचित नियोजनों म ...और पढ़ें

    नीतीश सरकार ने श्रमिकों को दी खुशखबरी। (जागरण)
    नीतीश सरकार ने श्रमिकों को दी खुशखबरी। (जागरण)

    HighLights

    1. श्रम संसाधन विभाग की ओर से श्रमिकों की श्रेणी और बढ़ी हुई राशि की अधिसूचना जारी
    2. अकुशल श्रमिक को पहले मिले थे 412 रुपये, अर्द्धकुशल का था 428 रुपये मेहनताना
    3. कुशल श्रमिक को पहले 521 रुपये और अतिकुशल श्रमिक को 636 रुपये दिए जाते थे

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य सरकार ने श्रमिकों को खुशखबरी दी है। राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के अंतर्गत सभी अनुसूचित नियोजनों में कार्य करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 3.17 प्रतिशत अतिरिक्त परिवर्तनशील महंगाई भत्ता की बढ़ोतरी की है, जो एक अप्रैल 2025 के प्रभाव से लागू हो जाएगी।

    राज्य सरकार ने अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रमिक के आधार पर चार श्रेणी रखी हैं। प्रत्येक श्रेणी के श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी में 12 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

    शुक्रवार को जारी की गई अधिसूचना

    श्रम संसाधन विभाग की ओर से शुक्रवार को अधिसूचना जारी की गई। इसके मुताबिक अकुशल श्रेणी के श्रमिकों की मजदूरी 412 रुपये से बढ़ाकर 424 रुपये प्रतिदिन, अर्द्धकुशल श्रेणी के श्रमिकों की मजदूरी 428 रुपये से बढ़ाकर 440, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 521 से बढ़ाकर 536 कर दी गई है।

    वहीं, अतिकुशल श्रमिकों की मजदूरी 636 रुपये से बढ़ाकर 654 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।  श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष कृषि कामगार को छोड़कर शेष सभी 17 नियोजनों में न्यूनतम मजदूरी की लागू दरों को एक समान किए जाने का निर्णय लिया गया है।

    साथ ही साथ श्रमिकों के कार्यों की प्रकृति के आधार पर अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं अतिकुशल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कार्यों का भी वर्गीकरण किया गया है।  अब कामगारों को उनके कार्य के अनुरूप कोटि की मजदूरी प्राप्त करने में भी सहूलियत होगी।

    खबरें और भी

    राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के अंतर्गत अनुसूचित नियोजनों में सरकारी कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों तथा चीनी मिल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को भी जोड़ा गया है। ऐसा किए जाने से कुल अनुसूचित नियोजनों की संख्या 44 से बढ़कर 90 हो गई है।

    4500 करोड़ रुपये हुआ बिहार का केंद्र पर उधार

    वहीं, दूसरी ओर राज्य में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद बिहार का केंद्र सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना) 4500 करोड़ रुपये से अधिक उधार हो गया है। इसमें मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी एवं सामग्री मद की राशि सम्मिलित है।

    राशि के अभाव में अब मनरेगा का काम भी प्रभावित होने लगा है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में 17 करोड़ निर्धारित मानव दिवस की तुलना में अभी तक 23 करोड़ से अधिक मानव दिवस सृजित हो चुका है। वित्तीय वर्ष समाप्त होेने को है, लेकिन राशि नहीं मिलने कारण कई स्तर पर योजना से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है।

    अहम यह है कि केंद्र सरकार से राशि भुगतान को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार स्वयं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ध्यान आकृष्ट कर चुके हैं। फिर भी वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 का सामग्री मद का का कुल बकाया लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये हो गया है।

    जबकि मनरेगा श्रमिकों का बकाया लगभग दो हजार करोड़ रुपये है। अब स्थिति यह है कि केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण दिसंबर से लगभग 11 लाख श्रमिकों का मजदूरी भुगतान बंद हैं।

    हालांकि, श्रमिकों के मजदूरी मद में बकाया राशि का आंकड़ा अलग-अलग है। वैसे देखा जाए तो लगभग तीन महीने से श्रमिकों को बकाया भुगतान की प्रतीक्षा है।

    सौ दिन मिलता है रोजगार

    मनरेगा योजना के तहत सरकार ने प्रतिवर्ष एक श्रमिक को कम से कम सौ दिन रोजगार देने का प्रविधान कर रखा है। वर्तमान में इस मद में संपूर्ण राशि केंद्र सरकार देती है।

    अभी तक चालू वित्तीय वर्ष में 41 करोड़ रुपये श्रमिकों को मजदूरी मद में भुगतान किया गया है। वहीं, सामग्री मद में 75 में प्रतिशत राशि केंद्र सरकार एवं 25 प्रतिशत राज्य सरकार देगी है। इस राशि का भी केंद्र सरकार ने सितंबर से अभी तक भुगतान नहीं किया है।

    यह भी पढ़ें-

    बिहार के बाहर काम करने वाले मजदूरों के लिए खुशखबरी, नीतीश सरकार ने ले लिया बड़ा फैसला

    Bihar News: वैशाली के लोगों के लिए खुशखबरी, 2026 में बनकर तैयार होगी ये सड़क; ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत