यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: बिहार में काम करने वाले श्रमिकों के लिए खुशखबरी, 1 अप्रैल से बढ़ जाएगी मजदूरी
नीतीश सरकार ने विधासभा चुनाव के पहले बिहार के श्रमिकों को खुशखबरी दी है। राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत सभी अनुसूचित नियोजनों म ...और पढ़ें

HighLights
- श्रम संसाधन विभाग की ओर से श्रमिकों की श्रेणी और बढ़ी हुई राशि की अधिसूचना जारी
- अकुशल श्रमिक को पहले मिले थे 412 रुपये, अर्द्धकुशल का था 428 रुपये मेहनताना
- कुशल श्रमिक को पहले 521 रुपये और अतिकुशल श्रमिक को 636 रुपये दिए जाते थे
शुक्रवार को जारी की गई अधिसूचना
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4500 करोड़ रुपये हुआ बिहार का केंद्र पर उधार
वहीं, दूसरी ओर राज्य में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद बिहार का केंद्र सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना) 4500 करोड़ रुपये से अधिक उधार हो गया है। इसमें मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी एवं सामग्री मद की राशि सम्मिलित है।
राशि के अभाव में अब मनरेगा का काम भी प्रभावित होने लगा है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में 17 करोड़ निर्धारित मानव दिवस की तुलना में अभी तक 23 करोड़ से अधिक मानव दिवस सृजित हो चुका है। वित्तीय वर्ष समाप्त होेने को है, लेकिन राशि नहीं मिलने कारण कई स्तर पर योजना से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है।
अहम यह है कि केंद्र सरकार से राशि भुगतान को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार स्वयं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ध्यान आकृष्ट कर चुके हैं। फिर भी वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 का सामग्री मद का का कुल बकाया लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये हो गया है।
जबकि मनरेगा श्रमिकों का बकाया लगभग दो हजार करोड़ रुपये है। अब स्थिति यह है कि केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलने के कारण दिसंबर से लगभग 11 लाख श्रमिकों का मजदूरी भुगतान बंद हैं।
हालांकि, श्रमिकों के मजदूरी मद में बकाया राशि का आंकड़ा अलग-अलग है। वैसे देखा जाए तो लगभग तीन महीने से श्रमिकों को बकाया भुगतान की प्रतीक्षा है।
सौ दिन मिलता है रोजगार
मनरेगा योजना के तहत सरकार ने प्रतिवर्ष एक श्रमिक को कम से कम सौ दिन रोजगार देने का प्रविधान कर रखा है। वर्तमान में इस मद में संपूर्ण राशि केंद्र सरकार देती है।
अभी तक चालू वित्तीय वर्ष में 41 करोड़ रुपये श्रमिकों को मजदूरी मद में भुगतान किया गया है। वहीं, सामग्री मद में 75 में प्रतिशत राशि केंद्र सरकार एवं 25 प्रतिशत राज्य सरकार देगी है। इस राशि का भी केंद्र सरकार ने सितंबर से अभी तक भुगतान नहीं किया है।