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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Nawada Lok Sabha Seat: नवादा में वोट कटेगा तो किसका होगा फायदा? कोर वोटर के नुकसान पर हो रही सबसे अधिक बात

    Updated: Sat, 13 Apr 2024 02:55 PM (IST)

    Nawada News नवादा में 19 अप्रैल को मतदान होना है। यहां पर नवादा में एनडीए की तरफ से विवेक ठाकुर मैदान में हैं तो महागठबंधन की तरफ से श्रवण कुशवाहा मैद ...और पढ़ें

    नवादा में वोट डालने से पहले वोट कटने की चर्चा (जागरण)
    नवादा में वोट डालने से पहले वोट कटने की चर्चा (जागरण)

    HighLights

    1. नवादा में गिले-शिकवे के बीच कोर वोटर के नुकसान पर हो रही बात
    2. त्रिकोणीय संघर्ष में दल की आस्था भी हो चुकी है बेमानी

    भुवनेश्वर वात्स्यायन, नवादा। Bihar Politics News: नवादा लोकसभा के चुनाव में वोट किस मुद्दे पर तय होगा उससे अधिक चर्चा वहां इस बात पर हाे रही कि वोट कटेगा तो किसका होगा फायदा? इस बार वोट मांगने वालों का अंदाज यानी जनसंपर्क में गिले-शिकवे पर बात करने का भी अनोखा अंदाज है। वोटर अपनी व्यथा सुनाएं उससे पहले प्रत्याशी अपने साथ हुए अन्याय पर शुरू हो जा रहे।

    चुनाव का एक दृश्य यह भी है कि महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में राजद के जो प्रत्याशी हैं उनके सामने यह मुद्दा अधिक अहम है कि वह राजद के काेर वोटर को रोक सकें। परिदृश्य यह है कि नवादा लोकसभा का चुनाव त्रिकोणीय हो गया है।

    गिले-शिकवे के बीच कोर वोटर के नुकसान पर हो रही बात

    Nawada News: माफी गढ़पर में मुख्यमंत्री की सभा में कई विधानसभा क्षेत्र के वोटरों की मौजूदगी थी। सभा के पहले वहां मौजूद लोग आपस में मस्त अंदाज में नवादा लोकसभा क्षेत्र के चुनावी यथार्थ पर सक्रिय थे। वैसे यह तत्व भी हावी था कि वे एनडीए से जुड़े लोग थे। एक-दूसरे को समझा रहे थे इस अंदाज में- राजद प्रत्याशी श्रवण कुशवाहा को राजद के कोर वोट यानी यादवों के वोट में भी डेंट लग रहा।

    विनोद यादव को अगर 40 हजार वोट भी आता है तो वह किसको नुकसान कर रहा। यादव समाज का वोट आम तौर पर लालू प्रसाद की पार्टी के लिए सक्रिय रहता है। इस जाति के वोटों में अगर बिखराव होता है तो फायदा किसको होगा यह समझा जा सकता है।

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    त्रिकोणीय संघर्ष में दल की आस्था भी हो चुकी है बेमानी़ 

    नवादा की जंग में त्रिकोणीय संघर्ष का जो स्वरूप बना है उसमें दलीय आस्था भी हो चुकी है बेमानी। राजद के दो विधायक व एक विधान पार्षद की सक्रियता खुलेआम निर्दलीय विनोद यादव के प्रति है। विनोद की सभाओं में इनकी मौजूदगी रही है। चुनाव में इस असंतोष का असर दिखेगा इस तरह की बातें भी खूब हो रही।

     यू ट्यूबर को भी साथ लेकर घूम रहे  

    \Bनवादा की चर्चा हाल के दिनों में आसपास के इलाकों में साइबर अपराधी की सक्रियता को लेकर भी होती रही है। इस बार के लोकसभा चुनाव मे यहां यू ट्यूबरों की सक्रियता कुछ अधिक है। निर्दलीय प्रत्याशी गुंजन सिंह का व्हाट्सएप सुबह-सुबह युवाओं को मिल जा रहा। भाजपा के लोग भी एक्टिव हैं। ट्वीट का अपडेट भी उपलब्ध हो जा रहा। इसलिए युवा वोटरों के बीच पैठ बनाने की जोरदार कोशिश हाे रही। \B

    स्टेज से कहीं भी चीनी मिल या खेती-किसानी पर कोई चर्चा नहीं 

     चुनावी मंच से नवादा से जुड़े मुद्दे पर कोई खास चर्चा नहीं। वारिसलीगंज सूगर मिल पर कोई कुछ नहीं कह रहा। खेती-किसानी पर भी बात किसान सम्मान निधि से आगे नहीं बढ़ती। पावर ग्रड व सब स्टेशन पर कुछ बात जरूर हो रही। 

     किसे करें फरियाद कि हर बार प्रत्याशी बदल जा रहा

     नवादा लोकसभा क्षेत्र के वोटरों से जब बात हुई तो उनमें बहुत सारे लोगों ने बड़ी गंभीरता से यह कहा कि हमारी समस्या बहुत गंभीर है कि हम किससे करें फरियाद या फिर खफा हों। पांच साल में जिसने हमारे लिए कोई काम नहीं किया वह तो अगले चुनाव में रहता ही नहीं। हर साल नवादा में प्रत्याशी बदल जा रहे। नए प्रत्याशी मैदान में आ जाते हैं। अब उनसे क्या पूछें? 

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