यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: ये मुद्दे नीतीश के सामने खड़ा करेंगे संकट! विस चुनाव से पहले RJD ने खेला 'मास्टर स्ट्रोक'
नीट पेपर लीक मामला (NEET Paper Leak Case) बिहार में काफी तूल पकड़ चुका है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने इस मामले का लिंक तेजस्वी यादव से जोड़ा था। इसके बा ...और पढ़ें

HighLights
- लालू, तेजस्वी को गाली देकर नहीं छिपा सकते अपने कृत्य : राजद
- राजद ने कहा, भाजपा-जदयू का चेहरा सबके सामने आ चुका है
- बिहार की एनडीए सरकार का इकबाल समाप्त हो चुका है- राजद
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics News Hindi राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कहा है कि केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार (NDA Government) का इकबाल समाप्त हो चुका है। एनडीए के नेता लालू (Lalu Yadav) और तेजस्वी (Tejashwi Yadav) को गाली देकर अपने कृत्य नहीं छिपा सकते।
मामला लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का हो, कानून-व्यवस्था का हो या लूट-भ्रष्टाचार का, भाजपा-जदयू का चेहरा सबके सामने आ चुका है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने रविवार को कहा कि नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक मामले में मुख्य सूत्रधार को बचाने की कोशिश हो रही है।
एनटीए के डीजी को बनाया बलि का बकरा- राजद
उन्होंने कहा कि एनटीए के डीजी को बलि का बकरा बना कर मामले की लीपापोती की जा रही है। पेपर लीक के आरोपियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। इसी प्रकार राज्य के हर हिस्से में आए दिन अपराधी बेधड़क होकर गोलीबारी कर लोगों की जान ले रहे हैं। यही स्थिति विकास के नाम पर लूट की है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक सप्ताह के अंदर तीन पुल-पुलिया ध्वस्त हो गए। इसके बावजूद सरकार मौन है। उन्होंने कहा कि एनडीए नेता लालू और तेजस्वी गाली देना छोड़ बताएं कि आखिर कब तक ये लोग अपनी नाकामियों, भ्रष्ट कारगुजारियों और कुकृत्यों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ते रहेंगे?
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राजद के लिए भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार : राजीव रंजन
वहीं, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने रविवार को कहा कि राजद के लिए भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार है। हवाबाजी की बजाय नीट-यूजी पेपर लीक मामले में माफिया से अपने संबंधों के बारे में राजद नेता जवाब दें। राजीव रंजन ने कहा कि पेपर लीक माफिया से तेजस्वी यादव के आप्त सचिव से संबंध होने की बात सामने आ रही।
खबरों पर कुछ ठोस बताने की बजाय राजद के नेता अभी भी बातों को गोल-मोल घुमाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा।
राजद नेताओं की हवाबाजी से लोगों को लगने लगा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि राजद का इतिहास गवाह है कि प्रदेश में होने वाले अधिकांश घोटाले के तार कहीं न कहीं इनके नेताओं से जरूर जुड़ जाते हैं।