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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gram Kachhari: गांवों की अदालत में अब हफ्ते में 2 दिन होगी सुनवाई, पंच-सरपंचों को मिली 40 धाराओं की सूची

    Updated: Sun, 16 Mar 2025 03:17 PM (IST)

    बिहार की ग्राम कचहरियों में अब नई भारतीय न्याय संहिता के तहत निर्णय सुनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने ग्रामीण स्तर पर मुकदमों के दबाव को कम करने के लिए यह ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. सभी सरपंच, पंचों को नई भारतीय न्याय संहिता की 40 धाराओं की सूची भेजी गई
    2. गांवों की अदालत अब प्रति मंगलवार व शुक्रवार को करेगी सुनवाई

    राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार ने कोर्ट व थानों पर मुकदमों के दबाव कम करने के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रति मंगलवार एवं शुक्रवार को ग्राम कचहरियों में अनिवार्य रूप से सुनवाई के निर्देश दिए हैं।

    पंचायती राज विभाग की ओर से इसे लेकर सभी जिलाधिकारियों में एवं जिला पंचायतीराज अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।

    इसमें परिवर्तित धाराओं की ओर भी पंच-सरपंचों का ध्यान आकृष्ट किया गया है। बिहार की 8053 ग्राम कचहरियों में अब भारतीय न्याय संहिता के तहत होगा निर्णय सुनाएंगे।

    दरअसल, देश में बदले हुए कानूनों को बिहार की ग्राम कचहरियों में अभी पूर्णतया पहल नहीं की जा रही है। ग्राम कचहरियों के सरपंच एवं पंचों को भारतीय न्याय संहित 2023 एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निर्णय देना है।

    बिहार की ग्राम कचहरियों को भारतीय न्याय संहिता के तहत भी कुल 40 धाराओं में सुनवाई करने का अधिकार दिया गया है।

    पुरानी भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की वे सभी पुरानी धाराएं बदल कर नई भारतीय न्याय संहिता में नई धारा तैयार किया गया है।

    पंचायती राज विभाग ने भारतीय न्याय संहिता 2023 धाराओं के साथ पुरानी धारा की सूची राज्य के सभी ग्राम कचहरियों के सरपंच और पंचों को भिजवाया था लेकिन अभी तक इसकी जानकारी पंच-सरपंच को जानकारी नहीं है। ऐसे में नए सिरे से ग्राम कचहरियों का ध्यान आकृष्ट किया गया है।

    ग्राम कचहरी को दो तरह की अधिकारिता दी गई

    • उल्लेखनीय है कि पंचायती राज विभाग ने विधि विभाग द्वारा प्राप्त तुलनात्मक सूची सभी जिलाधिकारियों और जिला पंचायतीराज पदाधिकारियों भेजते हुए निर्देश दिया था।
    • इसमें कहा गया कि वे अपने अधीन सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों, त्रिस्तरीय पंचायतों, ग्राम कचहरियों के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों, ग्राम कचहरी के सचिवों और ग्राम कचहरी के न्याय मित्रों को अविलंब उपलब्ध कराएं लेकिन स्थिति यह है अभी तक पंच-सरपंच नई भारतीय न्याय संहिता से अवगत नहीं हैं।
    • पंचायती राज अधिनियम में ग्राम कचहरी को दो तरह की अधिकारिता दी गई है। इन सभी धाराओं को बदल दिया गया था। उनकी जगह नई धाराएं बनाई गई हैं जिसके तहत सुनवाई करनी है।
    • अश्लील कार्य एवं गाने गाना एवं लौटरी कार्यालय रखना, अपराधिक बल का प्रयोग करना, किसी व्यक्ति का गलत ढंग से रोक रखने में आपराधिक बल का प्रयोग करने जैसे मामले की सुनवाई करनी है।

    पुरानी धाराएं

    ग्राम कचहरी को भारतीय दण्ड संहिता की धारा-140, 142, 143, 144, 145, 147, 151, 153, 160, 172, 174, 178, 179, 269, 277, 283, 285, 286, 289, 290, 294, 294(ए), 332, 334, 336, 341, 352, 356, 357, 374, 403, 426, 428, 430, 447, 448, 502, 504, 506, एवं 510 के तहत किए गए अपराधों के लिए केस को सुनने एवं निर्णय देने के अधिकार दिया गया था।

    अब नई धाराएं

    ग्राम कचहरी को अब नई धारा 168. 189(2), 189(3), 191(2), 189(5), 192, 194(2), 206, 208, 213, 214, 271, 279, 285, 287, 288, 291, 292, 296,279, 115(2), 122(1), 125, 126(2), 131,134, 135, 136, 146, 314, 324(2), 325, 326(अ), 329(3),329()4352, 351(2) एवं 355 सम्मिलित किया गया है।

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