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रांची RSS कार्यालय हमला मामले में पटना में NIA की छापामारी, दो फ्लैट खंगाले

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:41 PM (IST)

एनआईए ने रांची आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के प्रयास मामले में पटना के चित्रगुप्त नगर में दो फ्लैटों ...और पढ़ें

रांची आरएसएस कार्यालय हमले की जांच में पटना में एनआईए की बड़ी कार्रवाई

रांची आरएसएस कार्यालय हमले की जांच में पटना में एनआईए की बड़ी कार्रवाई

HighLights

  1. एनआईए ने पटना में दो फ्लैटों पर छापा मारा।

  2. रांची आरएसएस कार्यालय हमले से जुड़ा है मामला।

  3. गिरफ्तार आरोपी संदीप के नाम पर हैं फ्लैट।

जागरण टीम, पटना। रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के प्रयास की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को पटना में फिर दबिश दी। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक अपार्टमेंट के दो फ्लैटों में एनआईए की आठ सदस्यीय टीम ने कई घंटे तक तलाशी ली।

कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही। दोनों फ्लैट दिल्ली से गिरफ्तार किए गए आरोपित संदीप के नाम पर बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने इस मामले में संदीप को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। पटना लाकर उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट और उसकी निशानदेही के आधार पर बुधवार को चित्रगुप्त नगर स्थित दोनों फ्लैटों में तलाशी की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आ रही है।

हालांकि, एनआईए की ओर से तलाशी में क्या-क्या मिला, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

सदर एसडीपीओ-वन मनोज कुमार ने बताया कि रांची आरएसएस कार्यालय पर हमले के मामले में एनआईए को महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। इसी आधार पर चित्रगुप्त नगर क्षेत्र में एक अपार्टमेंट के दो फ्लैट की तलाशी ली गई।

उन्होंने बताया कि दोनों फ्लैट आरोपित के नाम बताए जा रहे हैं। इसी अपार्टमेंट में एनआईए ने स्थानीय पुलिस और एसटीएफ के साथ आठ सितंबर को भी छापेमारी की थी। उस समय फ्लैट बंद मिला था।

इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक कारोबारी को संदेह के आधार पर रोका गया था। उसके बैग से करीब 20 लाख रुपये मिलने के बाद आयकर विभाग को सूचना दी गई थी। सत्यापन के बाद कारोबारी को छोड़ दिया गया था।

जून में रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर दो अज्ञात युवकों ने पेट्रोल से भरी बोतलें परिसर की ओर फेंकने का प्रयास किया था। दोनों बोतलें बाउंड्री के बाहर गिरने से बड़ा हादसा टल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच पुलिस से लेकर एनआईए को सौंपी थी।