यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar: 'ई बेचारी को कुछ आता है', राबड़ी पर भड़के नीतीश और सदन में हरी टी-शर्ट बन गई मुद्दा
बिहार विधान परिषद में आरक्षण के मुद्दे पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। राजद के सदस्यों ने हरी टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन किया। उधर सदन के भीतर चर्चा के दौर ...और पढ़ें

HighLights
- हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंचे थे राजद के सदस्य
- टी-शर्ट पर लिखे गए वाक्यों पर मुख्यमंत्री ने जताई थी आपत्ति
- आरक्षण को लेकर भी खूब चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर
राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद में मंगलवार को आरक्षण का मुद्दा तो अब्दुल बारी सिद्दीकी ने उठाया, लेकिन उनकी एक-दो पंक्तियों के बाद सबसे आक्रामक आवाज सुनिल कुमार सिंह की हो गई।
हरे रंग की टी-शर्ट पहन सदन पहुंचे राजद के सदस्यों की मांग विधान मंडल द्वारा पारित 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी बनाने और उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने की थी। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी विपक्ष का नेतृत्व कर रही थीं।
हंगामा बढ़ा तो प्रतिक्रिया के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उठ खड़े हुए। राबड़ी से थोड़ी नोकझोंक हुई और उसके बाद कार्यवाही का बहिष्कार कर राजद के सदस्य सदन से बाहर चले गए।
सभापति का कहना था कि विपक्ष नहीं चाहता कि सदन चले, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं होगी। चूंकि यह मुद्दा नियमत: नहीं उठाया गया, इसलिए कार्यवाही में सम्मिलित नहीं होगा।
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आरक्षण पर नारेबाजी, पूछा- आगे की क्या योजना है?
राजद के सारे सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर आरक्षण के पक्ष और सरकार के विरोध में नारे लगाने लगे। प्रतिक्रिया में सत्ता पक्ष से भी आवाज मुखर हुई। अनिल कुमार, संजय सिंह आदि उठ खड़े हुए।
इसी बीच सदन में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मुसलमानों को दिया जा रहा उपहार भी जुमला और हवा-हवाई है। सिद्दीकी ने कहा कि आरक्षण कानून बनाने वाले नेताओं को गाली सुननी पड़ रही है, क्योंकि यह प्रभावी नहीं हुआ।
आरक्षण का जो हमारा अधिकार है, उसे हम छोड़ेंगे नहीं। सुनिल का आरोप था कि सरकार उच्चतम न्यायालय में पक्ष रख पाने में असफल है। मुख्यमंत्री से विपक्ष जानना चाहता है कि आगे की योजना क्या है।
सदन में रहना है तो शांत रहिए : स्पीकर
- प्रश्न-काल का हवाला देते सभापति ने कहा कि आपका मुद्दा नियमानुकूल नहीं। सदन में रहना चाहते हैं तो शांत रहिए, अन्यथा जाइए।
- इस पर काफी हंगामा हुआ फिर मुख्यमंत्री उठे और बोले कि विपक्ष के हर प्रश्न का उत्तर मिलेगा।
- वे राजद सदस्यों की टी-शर्ट पर लिखे वाक्यों को पढ़ने लगे। उसमें तेजस्वी सरकार और आरक्षण चोर आदि वाक्यांश थे।
नीतीश-राबड़ी ने क्या कुछ कहा?
मुख्यमंत्री ने उन शब्दों पर आपत्ति जताई। सीएम ने कहा कि राजद की यही संस्कृति है। तब तक राबड़ी देवी उठ खड़ी हुईं, तो नीतीश बोले, तोरा कौन चीज है, जो है, सब हसबैंड का है। तू बैठ जा।
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ई बेचारी को कुछ आता है, इसको तो ऐसे ही मुख्यमंत्री बना दिया, जब रिप्लेस हो रहे थे तो इसे ऐसे ही बना दिया। ई लोग जो कर रहे हैं, क्या मतलब है।
हम तो आप ही से पूछ रहे कि काहे के लिए ये पहनकर आए हैं। सब फालतू की चीज है। इस पर राबड़ी बोलीं कि इन लोगों की पार्टी के लोग टोपी-गमछा डाले दोनों सदनों में पहुंचे थे। सब लोगों ने देखा है।
कहासुनी बढ़ी तो उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मोर्चा संभाला। बोले कि 65 प्रतिशत आरक्षण सर्वसम्मति से पारित हुआ है और सरकार उसके लिए कृत संकल्पित है। मामला न्यायालय में है, लिहाजा न्यायालय को ही तय करने दिया जाए।
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